42 साल पुराने हत्याकांड में 25 साल से फरार चल रहे 3 आरोपी गिरफ्तार
यूपी के आगरा में एत्मादपुर थाना क्षेत्र के गांव धरैरा में 42 वर्ष पूर्व संपत्ति के विवाद में चचेरे भाई व उसके परिवार के चार लोगों की हत्या में वांछित तीन दोषियों को हाईकोर्ट के आदेश पर पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा है। मामले के पांच आरोपियों की मृत्यु हो चुकी है। 40 साल पहले हुए दोहरे हत्याकांड के एक दोषी को इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा निचली अदालत के फैसले के खिलाफ अपील लंबित रहने तक जमानत दी गई थी। जमानत के बाद से पिछले 25 वर्षों से कोई नहीं मिल रहा था। अपील की सुनवाई में पेश न होने पर उच्च न्यायालय द्वारा उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए जाने पर पुलिस ने अब पुलिस ने दोषियों को खोजा है।
इंस्पेक्टर आलोक सिंह ने बताया कि वर्ष 1983 में गांव धरैरा के सुख स्वरूप, उनकी मां कटोरी देवी, पत्नी राजवती, सात वर्षीय पुत्र श्याम व दो वर्षीय बेटी कल्लो की हत्या हुई थी। पैरवी को पीड़ित के परिवार का कोई नहीं बचा था। पुलिस की जांच में परिवार में संपत्ति का विवाद जानकारी में आया। मृतकों के परिवार के गज सिंह पाल, अजय पाल, राजपाल, रामपाल, सज्जन पाल, केशपाल, सुगड़ पाल व मानिक चंद के नाम उजागर हुए।
उन्हें वर्ष 1985 में कोर्ट से उम्रकैद की सजा सुनाई गई। तब आरोपी पक्ष ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। तब से यह मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। इस बीच गज सिंह पाल, अजय पाल, रामपाल, केश पाल व सुगड़ पाल की मृत्यु हो गई। अब पुलिस ने विचाराधीन मुकदमे में वांछित राजपाल, सज्जन पाल व मानिक चंद को गिरफ्तार किया है।
