दस साल बाद अमेरिका पहुंचे चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तोड़ा प्रोटोकॉल | world news
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग अपनी पत्नी पेंग लियुइन के साथ अमेरिका की राजधानी पहुंच चुके हैं। एक दशक से भी ज्यादा समय के बाद किसी चीनी राष्ट्रपति का यह पहला अमेरिका दौरा है, जो इसे अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के लिहाज से बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण बनाता है [world news]। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पारंपरिक प्रोटोकॉल को दरकिनार करते हुए व्हाइट हाउस में प्रतीक्षा करने के बजाय खुद एंड्रयूज एयर बेस जाकर मेहमान नेता की अगवानी की।
इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच व्यापारिक असंतुलन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई, ईरान और ताइवान जैसे संवेदनशील मुद्दों पर गंभीर मंत्रणा होने की उम्मीद है। गुरुवार को व्हाइट हाउस में औपचारिक स्वागत और सैन्य टुकड़ियों के निरीक्षण के बाद ट्रंप और जिनपिंग के बीच बंद कमरे में द्विपक्षीय बातचीत होगी। इसके अलावा, मेहमाननवाज़ी के तहत एक भव्य राजकीय भोज (स्टेट डिनर) का भी आयोजन किया गया है, जिसमें स्पेसएक्स के प्रमुख एलोन मस्क और एनविया के जेन्सेन हुआंग जैसी दिग्गज तकनीकी हस्तियों के शामिल होने की संभावना है।
हालांकि, इस यात्रा को लेकर अमेरिकी राजनीतिक गलियारों में विरोध के स्वर भी उठने लगे हैं। कुछ वरिष्ठ अमेरिकी सीनेटरों ने चीन की आक्रामक सैन्य नीतियों का हवाला देते हुए इस निमंत्रण पर आपत्ति जताई है, जबकि विदेश मंत्रालय ने वैश्विक स्थिरता के लिए दोनों महाशक्तियों के बीच उच्च-स्तरीय संवाद को जरूरी बताया है। विश्लेषकों का मानना है कि इस मुलाकात के नतीजे आगामी वैश्विक अर्थव्यवस्था और कूटनीतिक समीकरणों पर गहरा प्रभाव डालेंगे।
