आजमगढ़ में तिहरे हत्याकांड और एनकाउंटर के बाद शंभूपुर गांव में पसरा सन्नाटा | up crime news
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के अहरौला इलाके स्थित शंभूपुर गांव में मंगलवार देर शाम गोलियों की तड़तड़ाहट से ग्रामीण सहम उठे। एक पारिवारिक विवाद और अनुष्ठान के दौरान उपजे तनाव ने चार लोगों की जिंदगी निगल ली। इस घटना ने न केवल स्थानीय लोगों को बल्कि पूरे प्रशासनिक तंत्र को झकझोर कर रख दिया है, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है [up crime news]।
अनुष्ठान के बीच खूनी खेल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव में ग्रह-शांति के लिए महामृत्युंजय पाठ चल रहा था, जिसमें शामिल होने के लिए पुरोहित महेंद्र पाठक वहां पहुंचे थे। अचानक किसी बात पर उपजे विवाद ने ऐसा भयानक रूप लिया कि देखते ही देखते गोलियां चलने लगीं। इस खूनी संघर्ष में आरोपी ने अपनी पत्नी, बेटे और पुरोहित को मौत के घाट उतार दिया। घटना के तुरंत बाद पुलिस हरकत में आई और मुख्य आरोपी की तलाश शुरू कर दी गई।
पुलिस एनकाउंटर और गांव का माहौल
बुधवार भोर में हुई पुलिस मुठभेड़ में मुख्य आरोपी अरविंद सिंह भी मारा गया, जिसके बाद गांव में मातम और डर का माहौल गहरा गया है। अब शंभूपुर की तंग गलियों में आम लोगों की चहल-पहल के बजाय खाकी वर्दीधारी नजर आ रहे हैं। इस दुखद घटना के बाद से ग्रामीणों में भय व्याप्त है और लोग घरों में ही दुबके रहने को मजबूर हैं। प्रशासन ने किसी भी संभावित तनाव को रोकने के लिए गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया है, ताकि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में बनी रहे।
