बच्चों को दूध में चीनी डालकर न पिलाएं, पड़ सकते हैं दौरे! डॉक्टर की राय
आगरा के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एलके गर्ग ने बच्चों के स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डाला है। उन्होंने माता-पिता को सलाह दी है कि बच्चों को दूध देते समय उसमें चीनी या पानी न मिलाएं। डॉ. गर्ग के अनुसार, दूध में चीनी मिलाने से कब्ज की समस्या हो सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि एक वर्ष तक केवल दूध पिलाने से बच्चों में खून की कमी हो सकती है, जिससे उनकी प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है और वे बार-बार वायरल संक्रमण और एलर्जी का शिकार होते हैं।
डॉक्टर ने 6 महीने के बाद बच्चों को दाल, दलिया, खिचड़ी और केला जैसे घर के बने ठोस आहार देने की सलाह दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब बच्चे का पेट खाने से भर जाए, तभी उसे दूध पिलाना चाहिए, और उसमें चीनी बिल्कुल नहीं डालनी चाहिए।
तेज बुखार के प्रबंधन पर विशेष जोर देते हुए डॉ. गर्ग ने कहा कि 102 फारेनहाइट से अधिक बुखार होने पर दौरे पड़ सकते हैं। इससे बचने के लिए बच्चे के कपड़े उतार दें और पूरे शरीर पर सादे पानी की पट्टी रखें। उन्होंने निमोनिया के लक्षणों की पहचान करने के तरीके भी बताए, जैसे कि सांस लेने की दर बढ़ना और सीटी जैसी आवाज आना। इसके अलावा, उन्होंने एलर्जी, कब्ज और स्क्रीन टाइम की लत जैसी आधुनिक समस्याओं पर भी माता-पिता को मार्गदर्शन दिया।
