पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर को 1999 Land Fraud Case में जेल, पत्नी भी आरोपी, जानें पूरा मामला
पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर को 1999 के देवरिया भूमि धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार किया गया है। उन्हें लखनऊ से दिल्ली जा रही ट्रेन से शाहजहांपुर में गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें देवरिया ले जाया गया, जहां जज के सामने पेशी के बाद 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
अमिताभ ठाकुर 1993 बैच के आईपीएस अधिकारी रहे हैं और वर्तमान में आजाद सेना के अध्यक्ष हैं। वह अक्सर अपने बयानों और कार्यों के लिए चर्चा में रहते हैं।
यह मामला 1999 का है जब अमिताभ ठाकुर देवरिया में पुलिस अधीक्षक (SP) के पद पर तैनात थे। लखनऊ के संजय शर्मा ने राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री को शिकायत पत्र भेजकर आरोप लगाया था कि ठाकुर ने छल से सरकारी संपत्ति हड़पी है।
एफआईआर के अनुसार, अमिताभ ठाकुर ने अपनी पत्नी नूतन ठाकुर के नाम पर औद्योगिक क्षेत्र में एक प्लॉट खरीदा था। आरोप है कि प्लॉट खरीदते समय नूतन ठाकुर ने अपना नाम ‘नूतन देवी’ और पति का नाम ‘अभिताप ठाकुर’ लिखाया था, साथ ही पता भी गलत दिया था। बाद में उसी संपत्ति को वास्तविक नाम और पते के आधार पर बेच दिया गया, जिससे सरकारी विभागों और बैंकों को धोखा दिया गया। नूतन ठाकुर भी इस मामले में आरोपी हैं।
अमिताभ ठाकुर के भाई अविनाश कुमार कुमार एक सीनियर आईएएस अधिकारी हैं और झारखंड सरकार में मुख्य सचिव का दायित्व संभाल चुके हैं।
गिरफ्तारी के बाद कोर्ट में पेशी के दौरान अमिताभ ठाकुर ने गुहार लगाई कि जेल में उनकी हत्या हो सकती है, इसलिए उन्हें बचाया जाए और 45 मिनट का समय दिया जाए।
