भागलपुर में आवारा कुत्तों से मिलेगी मुक्ति, नगर निगम ने बनाई यह खास योजना
भागलपुर शहर में आवारा कुत्तों के आतंक से शहरवासियों को जल्द ही छुटकारा मिलने की उम्मीद है। नगर निगम ने कुत्तों को पकड़ने के लिए एक एजेंसी को नियुक्त करने का फैसला किया है और इसके लिए कांजी हाउस (आवारा पशुओं को रखने का स्थान) की व्यवस्था की जाएगी। नगर आयुक्त शुभम कुमार ने इसके लिए जगह चिह्नित करने का निर्देश दिया है।
इस काम में निगम के स्वास्थ्य शाखा प्रभारी और सहायक लोक स्वच्छता पदाधिकारी को लगाया गया है। आवारा कुत्तों को पकड़ने का काम एजेंसी करेगी, जिसके चयन के लिए कार्ययोजना बनाकर देने को कहा गया है। एक सप्ताह में कांजी हाउस के संचालन के लिए आउटसोर्सिंग एजेंसी का चयन करने का निर्देश दिया गया है। बताया गया कि नाथनगर के वार्ड दो और पीपरपांती में नगर निगम की जमीन है, इन्हीं में से किसी एक जगह पर कांजी हाउस बनाने पर विमर्श चल रहा है।
आउटसोर्सिंग एजेंसी के चयन के लिए जल्द ही निविदा जारी की जाएगी। मानक के आधार पर कार्य करने वाली एजेंसी को चुना जाएगा। जिसके बाद एजेंसी के माध्यम से आवारा कुत्तों को वैक्सीन लगाई जाएगी। कुत्तों को पकड़कर कांजी हाउस पहुंचाने और उनके लिए भोजन की व्यवस्था एजेंसी ही करेगी। ताकि शहर में घूम रहे मवेशियों को सुरक्षित रखा जा सके। इतना ही नहीं वार्ड स्तर पर कुत्तों के भोजन के लिए भी जगह चिह्नित किया जाएगा। न्यायालय के निर्देश के बाद नगर निगम हरकत में आया है।
शहरी क्षेत्र में आवारा पशुओं की भरमार है। दिन हो या रात, आवारा पशुओं की चपेट में आने से आए दिन लोग जख्मी हो रहे हैं। सबसे अधिक परेशानी कुत्तों और सांढ की वजह से हो रही है। ये कभी भी राह चलते लोगों पर हमला कर बैठते हैं। कुत्तों के काटने के हर दिन पांच से अधिक मामले सामने आ रहे हैं। जिसके बाद जख्मी को इलाज कराने के लिए जेएलएनएमसीएच या सदर अस्पताल जाना पड़ता है।
