एटा में दबंगई का नंगा नाच: बस स्टैंड पर यात्रियों से भरी बस पर कब्जा, दहशत में आए लोग
उत्तर प्रदेश के एटा शहर के जीटी रोड स्थित मुख्य बस स्टैंड पर रविवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब कुछ दबंगों ने दिन दहाड़े मथुरा डिपो की अनुबंधित बस पर कब्जा कर लिया। दोपहर करीब दो बजे कायमगंज के लिए रवाना होने वाली बस को स्टैंड के अंदर जबरन खड़ा करवा लिया गया और उसमें बैठी उसमें बैठी सभी सवारियों को डरा-धमकाकर नीचे उतरवा दिया गया।
मथुरा डिपो की अनुबंधित बस संख्या UP 85 DT 3918 मथुरा से आगरा, टूंडला, एटा, जैथरा, अलीगंज होकर कायमगंज तक चलती है। बस जैसे ही एटा बस स्टैंड पहुंची, लेन-देन के विवाद को लेकर कुछ लोगों ने चालक को सड़क पर ही रोककर धमकाना शुरू कर दिया और बस को अंदर खड़ा करा लिया। बस में तैनात महिला परिचालक लवी ने विरोध किया और 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी, लेकिन दबंगों पर इसका कोई असर नहीं पड़ा।
पुलिस के पहुंचने से पहले ही उन्होंने सभी सवारियों को जबरन बस से उतार दिया। कई महिला यात्री भयभीत होकर इधर-उधर खड़ी रहीं। यात्री पंकज ने बताया कि वह कायमगंज का टिकट लेकर बैठा था, लेकिन दबंगों ने जबरन उतार दिया, जिससे बीच रास्ते में परेशानी हो रही है। वहीं रामकिशन ने कहा कि गुंडागर्दी के बल पर बस को स्टैंड के अंदर रोककर यात्रियों को उतारा गया, जिसकी वजह से यात्रियों में दहशत फैल गई।
बस स्वामी हरवीर सिंह ने आरोप लगाया कि सौरभ और नीरज निवासी नगला जसराम ने दूसरी बस का सौदा किया था। लेकिन रकम नहीं दी गई और भरोसा दिलाकर बस ले गए। एक माह चलाने के बाद बस उसे वापस कर दी। अब उल्टा उस पर रकम बकाया बताई जा रही है। कहना है कि इसका एक झूठा मामला दर्ज कराया गया, जो अदालत में विचाराधीन है, लेकिन रविवार को दबंगई कर मेरी बस को कब्जे में लिया गया है।
दूसरे पक्ष ने आरोप लगाया कि छह माह पहले बस का सौदा करके छह लाख रुपये लिए गए थे, लेकिन बस तीसरी जगह बेच दी गई। अब न बस लौटाई जा रही है और नहीं रकम, इसलिए बस को खड़ा गया गया है। जब बस स्वामी आएगा तब बैठकर बात होगी।
बस स्टैंड परिसर में मथुरा डिपो की बस खड़ी कराने का मामला संज्ञान में आया है। मैं बाहर हूं, अनुबंधित बस स्वामी और बस खड़ी कराने वालों के बीच लेन-देन का विवाद बताया जा रहा है।
