‘O Romeo’ से पहले शाहिद कपूर का बड़ा खुलासा: ‘हर कलाकार के भीतर होता है गहरा डर’
हर बार कुछ नया करने की कोशिश को लेकर शाहिद कपूर कहते हैं- ‘अगर आप कोई काम करने जा रहे हैं मगर उसको लेकर आपके अंदर कोई घबराहट या उत्साह नहीं है या अगर आप ऐसी जगह में कदम रख रहे हैं, जहां आप पहले कभी नहीं गए तो आप ठहर जाते हैं।
एक अभिनेता या कलाकार होने का सबसे बड़ा आशीर्वाद यही है कि जितनी जरूरत अनुशासन और सीखने की होती है, उतनी ही स्वतंत्रता कुछ नया रचने, बहने, उड़ने, दिशा बदलने और जोखिम लेने की भी होती है। मेरे लिए अभिनेता होने का यही सबसे खूबसूरत हिस्सा है। अगर आप इसे एक्सप्लोर नहीं करते, तो आप उस सबसे बड़े मजे और रोमांच को मिस कर रहे हैं, जो यह पेशा दे सकता है।’
हाल ही में मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान शाहिद कपूर ने कहा कि हर कलाकार के भीतर एक गहरा डर मौजूद होता है। इस बारे में वे स्पष्ट करते हैं, ‘आपको लगता है कि आप तैयार हैं, लेकिन जैसे ही आप मंच पर आते हैं और सैकड़ों लोगों की निगाहें आप पर होती हैं, तब समझ नहीं आता कि वे आपके बारे में क्या सोच रहे हैं। इस डर के बावजूद कलाकार को आगे बढ़कर खुद पर भरोसा करना पड़ता है।
उसे खुद को असफल होने की अनुमति देनी होती है, नाजुक पड़ने देना होता है, गलत समझे जाने की गुंजाइश रखनी होती है। कभी-कभी तो पब्लिक के सामने अपनी गलती पर शर्मिंदगी भी झेलनी पड़ती है। यह सफर केवल एक-आधे पलों का नहीं है। यह एक लंबी यात्रा है। एक कलाकार लगातार एक मंजिल से दूसरी मंजिल तक बढ़ता है। जब कोई दो दशक तक काम कर लेता है, तब जाकर लोग समझ पाते हैं कि वह कलाकार क्यों उन फैसलों को ले रहा था।’
शाहिद मानते हैं कि हर बार चयन पूरी तरह आपके हाथ में नहीं होते। वह कहते हैं कि ‘जिंदगी वास्तव में एक यात्रा है। इंसान वही बनता है, जो उसे बनना होता है और जैसा उसके साथ घटित होता है।’ यह अनादर होगा हर कलाकार कोई खास किरदार निभाने की इच्छा रखता है। इस संदर्भ में शाहिद बताते हैं, …
