दिल्ली-NCR में जहरीली हवा का संकट: AQI 400 के करीब, कब मिलेगी राहत?
दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर एक बार फिर खतरनाक हो गया है। जहरीले स्मॉग की एक मोटी परत ने पूरे क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया है, जिससे लोगों को सांस लेने में भारी परेशानी हो रही है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, मंगलवार सुबह दिल्ली का औसत AQI 333 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है।
राजधानी के कई इलाकों में स्थिति और भी गंभीर है। आनंद विहार और अक्षरधाम मंदिर के पास AQI 383, चांदनी चौक में 397, अलीपुर में 347, बवाना में 390, और मुंडका में 359 रिकॉर्ड किया गया। ये सभी आंकड़े हवा की ‘बहुत खराब’ कैटेगरी को दर्शाते हैं। दिल्ली से सटे नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम में भी हवा की गुणवत्ता बेहद खराब बनी हुई है।
CPCB के मानकों के अनुसार, 301-400 के बीच का AQI ‘बहुत खराब’ माना जाता है, जबकि 401-500 ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। प्रदूषण के इस बढ़ते स्तर के कारण बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक मौसम में कोई बड़ा बदलाव नहीं आता और हवा की गति नहीं बढ़ती, तब तक इस जहरीली हवा से राहत मिलना मुश्किल है।
