करोड़ों की ठगी: ‘ताजमहल’ फिल्म के सह-निर्माता पर लगा बड़ा आरोप, कारोबारी ने पुलिस से लगाई गुहार
कानपुर के एक पोल्ट्री व्यवसायी ने ‘ताजमहल’ फिल्म के सह-निर्माता पर धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। व्यवसायी का कहना है कि उसके साथ जमीन दिलाने के नाम पर 3.30 करोड़ रुपये की ठगी की गई है। पीड़ित ने संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध एवं मुख्यालय विनोद कुमार सिंह से गुहार लगाई, जिसके बाद बेकनगंज पुलिस ने दो नामजद समेत आठ लोगों पर रिपोर्ट दर्ज की है।
सिविल लाइंस निवासी मो. शोएब पोल्ट्री कारोबारी हैं। उन्हें अपने व्यापार के विस्तार के लिए गोदाम हेतु जमीन की आवश्यकता थी। रिक्की और रफी नामक व्यक्तियों ने उनकी मुलाकात जाजमऊ गज्जूपुरवा निवासी इरशाद आलम से कराई, जो 2005 में रिलीज हुई फिल्म ‘ताजमहल’ के सह-निर्माता भी हैं। मो. शोएब के अनुसार, इरशाद आलम ने उन्हें जाजमऊ गज्जूपुरवा में अपनी जमीन दिखाते हुए उसे 1.65 करोड़ रुपये में बेचने की बात कही।
नोटिरियल विक्रय अनुबंध पत्र तैयार होने पर शोएब ने आरटीजीएस व नगद के रूप में 1.65 करोड़ रुपये उसे दे दिए। कई दिन बीत जाने पर जब शोएब ने विक्रय पत्र निष्पादित करने को कहा, तो आलम ने जमीन की रकम दोगुनी कर दी। रुपये फंसे होने के कारण शोएब ने दोबारा 1.65 करोड़ रुपये दे दिए, लेकिन आरोपित ने इसके बावजूद बैनामा नहीं किया। जब उन्होंने जमीन की पड़ताल की तो पता चला कि यह जमीन सरकार ने पहले ही अधिग्रहण कर रखी है।
आरोप है कि जब शोएब ने रुपये वापस मांगे तो आरोपित इरशाद आलम ने अपने साथी मो. उजैर व अन्य लोगों के साथ 13 सितंबर को उनकी दुकान पर आकर झूठे मुकदमे में फंसा देने की धमकी दी और 60 लाख रुपए की रंगदारी मांगी। पीड़ित ने मामले की शिकायत सयुंक्त पुलिस आयुक्त अपराध एवं मुख्यालय विनोद कुमार सिंह से की। इस पर उन्होंने आरोपित और उसके साथियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्जकर कार्रवाई के आदेश दिए। डीसीपी सेंट्रल श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि आरोपित इरशाद आलम, उसके साथी मो. उजैर हसन और छह अज्ञात समेत आठ के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना और रंगदारी समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्जकर मामले की जांच की जा रही है।
