बिहार: बालू माफियाओं पर नकेल कसने की तैयारी, इन 5 जिलों में 15 दिनों के भीतर होगी नीलामी
बिहार सरकार निर्माण कार्यों के लिए बालू की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रयासरत है। हालांकि, राज्य के पांच जिले – पूर्णिया, वैशाली, सारण, गोपालगंज और सुपौल – ऐसे हैं जहां बालू घाटों का बंदोबस्त काफी धीमी गति से चल रहा है। इस धीमी प्रक्रिया के कारण इन क्षेत्रों में बालू माफिया सक्रिय हो गए हैं।
अवैध खनन के कारण न केवल सरकार को बड़े पैमाने पर राजस्व का नुकसान हो रहा है, बल्कि पर्यावरण को भी क्षति पहुंच रही है। खान एवं भू-तत्व विभाग ने इस समस्या को गंभीरता से लिया है। हाल ही में हुई एक समीक्षा बैठक में यह तथ्य सामने आया कि इन जिलों में बड़ी संख्या में घाटों की नीलामी नहीं हुई है।
विभाग के सचिव ने अब इन पांच जिलों के खनिज विकास पदाधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्हें प्राथमिकता के आधार पर 15 दिनों के भीतर निविदा प्रकाशन कर बालू घाटों की नीलामी प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया है। निर्देश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि पहले उन घाटों की नीलामी की जाए जिन्हें पर्यावरण स्वीकृति प्राप्त है। जब तक नीलामी पूरी नहीं होती, अवैध खनन रोकने के लिए घाटों की सघन मॉनिटरिंग के आदेश दिए गए हैं।
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