विकास कार्यों के नाम पर बड़ा घोटाला! भाभी प्रधान ने देवर के खाते में ट्रांसफर किए लाखों रुपये, डीएम ने लिया एक्शन
विकास कार्य के नाम पर ग्राम पंचायतों में घोटाला कोई नई बात नहीं है। इस बार विकासखंड करहल की ग्राम पंचायत तखरऊ में प्रधान का खेल खुल गया है। विकास कार्य के नाम पर धनराशि का भुगतान प्रधान ने अपने देवर के खाते में कर दिया। शिकायत में इसकी पुष्टि होने के बाद अब प्रधान पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। डीएम ने ग्राम प्रधान को नोटिस जारी कर सप्ताह भर के अंदर जवाब देने को कहा है। प्रधान के अधिकार सीज किए जाएंगे।
लगभग एक वर्ष पूर्व आठ अक्टूबर 2024 को विकासखंड करहल की ग्राम पंचायत तखरऊ निवासी सचिन कुमार तिवारी ने आइजीआरएस पर शिकायत की थी। शिकायत में बताया था कि ग्राम प्रधान नीलम ने विकास कार्यों के नाम पर अपने देवर कमल प्रताप सिंह और पंचायत सहायक के पति के खाते में भुगतान कर दिया था। अलग-अलग कार्यों के नाम पर लगभग दो लाख रुपये के हेरफेर का आरोप लगाया गया था।
डीएम के आदेश पर मामले की जांच के लिए 11 नवंबर 2024 को बीएसए दीपिका सिंह को जांच अधिकारी नामित किया गया था। बीएसए ने मौके पर जाकर जांच की तो पता चला कि प्रधान ने देवर कमल प्रताप सिंह के खाते में विकास कार्यों में लगे श्रमांश का भुगतान किया। उनके द्वारा बताया गया कि उन्होंने मजदूरों को नकद धनराशि का भुगतान किया था। इसके बाद 18 नवंबर 2024 को उन्होंने ग्राम प्रधान को अधिकारों और धनराशि का दुरुपयोग करने का दोषी माना था। इसके आधार पर अब डीएम अंजनी कुमार सिंह ने ग्राम प्रधान को अधिकार सीज करने का नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। ग्राम प्रधान द्वारा साक्ष्य सहित जवाब न देने पर उनके वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार सीज कर तीन सदस्यीय समिति का गठन किया जाएगा।
एक साल पहले हुई शिकायत पर डीएम ने जांच के आदेश दिए थे। शिकायतकर्ता का आरोप है कि बीएसए ने जांच कर अपनी रिपोर्ट भी 18 नवंबर 2024 को ही दे दी थी। इसके बाद भी पंचायत राज विभाग करीब एक साल तक फाइल दबाए रहा। विभागीय कर्मचारियों की मिलीभगत से कार्रवाई नहीं होने दी गई।
