इंडिगो को मिली FDTL नियमों से छूट, उड़ानें पटरी पर लाने की कोशिश
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इस बात पर जोर दिया है कि एक नवंबर से लागू होने वाले नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियमों को पूरी तरह से स्थगित नहीं किया गया है। बल्कि, यह एक विशिष्ट और अस्थायी छूट है जो केवल इंडिगो एयरलाइंस के ए320 फ्लीट पर लागू होती है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य पिछले कुछ दिनों से इंडिगो की उड़ानों में हो रहे व्यवधान को दूर कर, बाधित हुए टाइम-टेबल को जल्द से जल्द बहाल करना है।
मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान के बाद शुरूआती भ्रम की स्थिति को स्पष्ट करते हुए, एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह छूट पायलटों की थकान को कम करने और परिचालन को सुचारू बनाने के लिए आवश्यक उपाय के तौर पर दी गई है। शुक्रवार को मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान में, पहले पैराग्राफ में एक अस्पष्ट वाक्य के कारण गलतफहमी पैदा हुई थी। बयान में कहा गया था, “नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने, खासकर इंडिगो एअरलाइंस की उड़ानों में जारी व्यवधान को दूर करने के लिए तत्काल और सक्रिय कदम उठाए हैं। डीजीसीए ने फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन संबंधी आदेशों को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है।”
इस बयान से करीब एक घंटे पहले, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने एक आदेश जारी किया था, जिसमें इंडिगो को उसके ए320 फ्लीट के संचालन के लिए 10 फरवरी 2026 तक नई फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) में कुछ छूट प्रदान की गई थी। मंत्रालय के बाद के स्पष्टीकरण ने इस बात की पुष्टि की कि यह छूट डीजीसीए के उसी दस्तावेज के संदर्भ में थी।
मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि ड्यूटी के घंटे, आराम की आवश्यकताएं और फ्लाइंग लिमिट सहित नए एफडीटीएल नियमों के अन्य सभी प्रावधान पूरी तरह से लागू रहेंगे। इस छूट का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि इंडिगो अपने परिचालन को सामान्य कर सके, वहीं यात्रियों को होने वाली असुविधा को कम किया जा सके, जबकि पायलटों की सुरक्षा और कल्याण को भी ध्यान में रखा जाए। यह उम्मीद की जाती है कि इस अस्थायी राहत से एयरलाइन को अपने शेड्यूल को सुव्यवस्थित करने और भविष्य में ऐसे व्यवधानों से बचने में मदद मिलेगी।
