कोल्हान में ठंड का प्रकोप: पारा 8 डिग्री पर, बीमारियों का खतरा बढ़ा
कोल्हान क्षेत्र में कड़ाके की ठंड का एहसास होने लगा है, जहां पिछले दो दिनों से तापमान में लगातार गिरावट देखी जा रही है। सरायकेला-खरसावां जिले में शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस मौसम का अब तक का सबसे कम तापमान है। जमशेदपुर में भी ठंड का असर बढ़ा है, जहां न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 26.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
सुबह आठ बजे तक घना कोहरा छाया रहने से ठंड का प्रभाव और भी बढ़ जाता है। इस कनकनी भरी ठंड के कारण क्षेत्र में सर्दी, खांसी, बुखार और वायरल संक्रमण जैसी बीमारियों के मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज अस्पताल में रोजाना 40 से अधिक बच्चे जुकाम और बुखार की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। वहीं, बच्चों और बड़ों को मिलाकर प्रतिदिन 400 से अधिक मरीज ओपीडी में इलाज के लिए आ रहे हैं।
एमजीएम अस्पताल के चिकित्सा विभाग के प्रमुख, डॉ. बलराम झा, ने बताया कि हल्के कपड़े पहनने और मौसम के प्रति लापरवाही बरतने से बीमारियां बढ़ रही हैं। उन्होंने विशेष रूप से बच्चों को गर्म कपड़े पहनाने, उन्हें खुले में न सुलाने और बुजुर्गों को ठंड से विशेष बचाव करने की सलाह दी है।
तापमान गिरने के इस दौर में सही खान-पान शरीर को गर्म रखने और प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाए रखने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाता है। एमजीएम अस्पताल की आहार विशेषज्ञ, अन्नू सिन्हा, के अनुसार, ऐसे मौसम में ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए जो शरीर को अंदर से गर्मी प्रदान करें। गर्म सूप, अदरक वाली चाय, गाजर, शकरकंद, और खजूर जैसे पौष्टिक और गर्म तासीर वाले खाद्य पदार्थ फायदेमंद होते हैं। वहीं, ठंडी तासीर वाली चीजों, जैसे कि फ्रिज का पानी, आइसक्रीम, और ठंडी ताजी सब्जियों के सेवन से बचना चाहिए।
ठंड के मौसम में अपनी सेहत का ध्यान रखना और बचाव के उपायों को अपनाना आवश्यक है ताकि बीमारियों से बचा जा सके।
