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अंधेरे में चमकने वाले खिलौने: बच्चों के लिए कितने सुरक्षित?

By Dec 5, 2025

बचपन की वो जादुई शामें, जब दीवारों पर चिपकाए हरे-हरे चमकते सितारे रोशनी बुझते ही कमरे को एक अनोखी आभा से भर देते थे, आज भी कई लोगों की यादों में ताज़ा हैं। आज बाज़ार में ऐसे अनगिनत फ्लोरोसेंट खिलौने, कपड़े, पेंट और सजावटी सामान उपलब्ध हैं जो अंधेरे में चमक कर न केवल बच्चों बल्कि बड़ों को भी मंत्रमुग्ध कर देते हैं। लेकिन इन मनमोहक चीज़ों के साथ एक सवाल अक्सर उठता है कि क्या ये बच्चों के स्वास्थ्य के लिए उतनी ही सुरक्षित हैं, जितनी दिखती हैं?

अंधेरे में चमकने वाली चीज़ों के पीछे का विज्ञान बेहद दिलचस्प है। कई खनिज स्वाभाविक रूप से ‘फॉस्फोरसेंस’ नामक गुण प्रदर्शित करते हैं, जिसका अर्थ है कि वे प्रकाश अवशोषित करने के बाद कुछ समय के लिए अंधेरे में मंद चमक छोड़ते हैं। खिलौनों और स्टिकर जैसे उत्पादों में आमतौर पर दो मुख्य प्रकार के पदार्थ इस्तेमाल किए जाते हैं, जो इस प्रभाव को उत्पन्न करते हैं:

पहला है जिंक सल्फाइड (Zinc Sulfide), जिसमें कॉपर (तांबा) मिला होता है। यह पदार्थ प्रकाश अवशोषित करने पर लगभग 20-30 मिनट तक अच्छी तरह चमकता है और फिर धीरे-धीरे फीका पड़ने लगता है। इसे ‘शॉर्ट-आफ्टरग्लो’ मैटीरियल कहा जाता है।

दूसरा प्रमुख पदार्थ है स्ट्रोंटियम एल्यूमिनेट (Strontium Aluminate), जिसमें विभिन्न प्रकार के दुर्लभ पृथ्वी तत्व (rare earth elements) मिले होते हैं। यह पदार्थ जिंक सल्फाइड की तुलना में कहीं अधिक समय तक, लगभग 8-10 घंटे तक, मंद रोशनी बनाए रख सकता है। इसीलिए इसे ‘लॉन्ग-आफ्टरग्लो’ मैटीरियल के नाम से जाना जाता है।

इन पदार्थों में, जब प्रकाश पड़ता है, तो उनके इलेक्ट्रॉन ऊर्जा ग्रहण कर उच्च ऊर्जा स्तर पर चले जाते हैं। थोड़ी देर बाद, जब ये इलेक्ट्रॉन अपनी मूल निम्न ऊर्जा अवस्था में लौटते हैं, तो वे अवशोषित ऊर्जा को प्रकाश के रूप में उत्सर्जित करते हैं। इस प्रक्रिया को ‘फोटोल्यूमिनेसेंस’ कहते हैं।

यह समझना महत्वपूर्ण है कि सभी ‘ग्लो इन द डार्क’ उत्पाद एक समान नहीं होते। उनकी चमक की अवधि और तीव्रता इस्तेमाल किए गए पदार्थ पर निर्भर करती है। हालांकि, इन उत्पादों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं भी हैं। कुछ शोधों और विशेषज्ञों का मानना है कि इन चमकने वाले पदार्थों में रेडियोएक्टिव तत्व या अन्य हानिकारक रसायन हो सकते हैं, खासकर पुराने या निम्न-गुणवत्ता वाले उत्पादों में। ये रसायन बच्चों के लिए खतरनाक हो सकते हैं यदि वे गलती से इन्हें निगल लें या त्वचा के संपर्क में आएं।

इसलिए, बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना आवश्यक है। सबसे पहले, हमेशा प्रतिष्ठित ब्रांडों से ही ऐसे खिलौने खरीदें जो सुरक्षा मानकों का पालन करते हों। उत्पाद पर सुरक्षा प्रमाणपत्र (जैसे CE मार्क) की जांच करें। खिलौनों को बच्चों की पहुंच से दूर रखें, खासकर उन छोटे हिस्सों को जो निगले जा सकते हैं। यदि कोई खिलौना टूट जाता है या क्षतिग्रस्त हो जाता है, तो उसे तुरंत हटा दें। इसके अतिरिक्त, बच्चों को ऐसे खिलौनों से खेलने के बाद अच्छी तरह हाथ धोने के लिए प्रोत्साहित करें। इन सावधानियों का पालन करके, हम ‘ग्लो इन द डार्क’ की जादुई दुनिया का आनंद सुरक्षित रूप से उठा सकते हैं।

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