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भाजपा ने तृणमूल पर लगाया ‘गंदी सांप्रदायिक राजनीति’ का आरोप, हुमायूं कबीर के निलंबन पर उठाए सवाल

By Dec 5, 2025

भाजपा ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर ‘गंदी सांप्रदायिक राजनीति’ करने का गंभीर आरोप लगाया है। पार्टी ने मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद बनाने की विवादास्पद घोषणा करने वाले तृणमूल विधायक हुमायूं कबीर के निलंबन पर भी सवाल खड़े किए हैं।

प्रदेश भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व राष्ट्रीय सचिव राहुल सिन्हा ने कोलकाता स्थित पार्टी कार्यालय में मीडिया को संबोधित करते हुए राज्य के मौजूदा राजनीतिक मुद्दों पर अपनी बात रखी। सिन्हा ने तृणमूल सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा, “अगर हुमायूं कबीर को निलंबित ही करना था, तो उन्हें हाल ही में मुर्शिदाबाद में मुख्यमंत्री की जनसभा का निमंत्रण क्यों दिया गया?” उन्होंने आगे कहा कि पिछले तीन दिनों से भाजपा लगातार यह सवाल पूछ रही थी कि तृणमूल हुमायूं कबीर के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं कर रही है। सिन्हा ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के स्पष्ट निर्देशों पर ही हुमायूं कबीर ने हिंदू और मुसलमानों के बीच सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की कोशिश की थी।

भाजपा नेता ने मुख्यमंत्री पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री एक ओर हिजाब पहनकर दुर्गा पूजा पंडालों का उद्घाटन करती हैं, तो दूसरी ओर चुनाव प्रचार के दौरान 17 से 18 बार ‘इंशाअल्लाह’ जैसे शब्दों का प्रयोग करती हैं। सिन्हा ने दावा किया कि मुख्यमंत्री को अब यह एहसास हो गया है कि उनकी ‘गंदी सांप्रदायिक राजनीति’ और मुस्लिम तुष्टिकरण की नीतियों के कारण बड़ी संख्या में हिंदू मतदाता उनसे दूर हो गए हैं। इसलिए, अब वह अल्लाह को छोड़कर मां दुर्गा को गले लगा रही हैं। उन्होंने कहा कि दुर्गा पूजा क्लबों को दान देना, जगन्नाथ मंदिर और महाकाल मंदिर का निर्माण करवाना इसी ‘सुविधा की सांप्रदायिक राजनीति’ का प्रमाण है।

सिन्हा ने पूर्व की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि पहले राम भक्तों को राम नवमी और हनुमान जयंती मनाने पर जेल भेजा गया और लाठीचार्ज किया गया था, जबकि अब मुख्यमंत्री अपने ही कार्यकर्ताओं को यही त्योहार मनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं। उन्होंने इसे ‘सुविधा की सांप्रदायिक राजनीति’ करार दिया।

इस बीच, भाजपा नेता राहुल सिन्हा ने आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि पार्टी ने 5-6 बूथों को मिलाकर एक ‘शक्ति केंद्र’ का गठन किया है। सिन्हा ने कहा कि 15 जनवरी तक प्रत्येक शक्ति केंद्र पर बैठकें आयोजित की जाएंगी। राज्य में कुल 13,000 शक्ति केंद्र बनाए गए हैं, और कल से ही शाम पांच से सात बजे के बीच 1300 शक्ति केंद्रों पर बैठकें शुरू हो जाएंगी।

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