0

झारखंड सरकार की RIMS को बड़ी सौगात: 50 करोड़ की मंजूरी से स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांति

By Dec 4, 2025

रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS) की चिकित्सा सेवाओं और अवसंरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में झारखंड सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार ने संस्थान के उन्नयन के लिए 50 करोड़ रुपये की एक बड़ी धनराशि स्वीकृत की है। यह आवंटन वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए ‘राज्य स्वास्थ्य अवसंरचना सुदृढ़ीकरण एवं उन्नयन योजना’ के अंतर्गत किया गया है, जिसका उद्देश्य राज्य के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाना है।

स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह पूरी राशि रांची कोषागार से डीडीओ कोड के तहत सिविल सर्जन सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी को आवंटित की गई है। इस राशि के जारी होने के बाद RIMS परिसर में वर्षों से लंबित विभिन्न विकास योजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है। संस्थान को अक्सर बढ़ती भीड़, पुराने और जर्जर भवनों, सीमित मशीन क्षमता और आधुनिक सुविधाओं की कमी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता रहा है, जिस पर समय-समय पर आलोचना भी होती रही है।

सूत्रों के अनुसार, स्वीकृत धनराशि का उपयोग आपातकालीन ब्लॉक के उन्नयन, कैंसर यूनिट के विस्तार, नई डायग्नोस्टिक मशीनों की खरीद, वार्डों और आईसीयू में सुधार तथा तकनीकी सेवाओं को मजबूत करने जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में किया जाएगा। यह कदम मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।

हाल ही में, RIMS परिसर में अतिक्रमण और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मामला झारखंड उच्च न्यायालय तक पहुंचा था, जहां न्यायालय ने 72 घंटे के भीतर कार्रवाई का निर्देश दिया था। ऐसे संवेदनशील माहौल में, सरकार द्वारा वित्तीय सहायता का यह आवंटन संस्थान के प्रशासन के लिए निश्चित रूप से एक बड़ी राहत साबित होगा। प्रबंधन का मानना है कि न्यायालय की कड़ी निगरानी और सरकार की आर्थिक सहायता के संयुक्त प्रयास से परिसर को सुरक्षित, व्यवस्थित और आधुनिक स्वास्थ्य मानकों के अनुरूप विकसित करने में मदद मिलेगी।

हालांकि, यह भी एक सच्चाई है कि चिकित्सा उपकरणों के आधुनिकीकरण, प्रशिक्षित मानव संसाधन की उपलब्धता, नई तकनीकों को अपनाने और समग्र प्रबंधन को लेकर RIMS हमेशा चर्चाओं में रहा है। इसलिए, इस वित्तीय आवंटन का वास्तविक प्रभाव तभी दिखेगा जब इसका उपयोग प्रभावी ढंग से किया जाएगा और मरीजों को मिलने वाली सेवाओं की गुणवत्ता में जमीनी स्तर पर सुधार होगा।

राज्य का सबसे बड़ा और प्रमुख चिकित्सा संस्थान होने के नाते, RIMS में प्रतिदिन हजारों की संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में, स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत बनाने के लिए यह आवंटन एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है। अब जनता की उम्मीदें बढ़ गई हैं और यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि RIMS प्रशासन इस निवेश को बेहतर सेवाओं और सुविधाओं में बदलकर कैसे दिखाता है, ताकि मरीजों को एक भरोसेमंद और उन्नत चिकित्सा व्यवस्था मिल सके।

About

Journalist covering latest updates.

अगली खबरें

हेमंत सोरेन की याचिका पर ईडी से मांगा जवाब, हाई कोर्ट में अगली सुनवाई 18 दिसंबर को

झारखंड हाई कोर्ट ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिका पर ईडी से जवाब मांगा है। यह मामला ईडी द्वारा समन की अवहेलना के आरोप में...
By Dec 4, 2025

नाना पर छेड़छाड़ का गंभीर आरोप, 18 वर्षीय युवती ने दर्ज कराई FIR

रांची के पीपी कंपाउंड क्षेत्र में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ एक 18 वर्षीय युवती ने अपने ही नाना पर पिछले तीन वर्षों से लगातार छेड़छाड़ और अश्लील हरकतें करने का गंभीर आरोप...
By Dec 4, 2025

साझा करें