सहरसा से दक्षिण भारत के लिए भारत गौरव ट्रेन रवाना, 13 दिन की यात्रा
भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम लिमिटेड (आईआरसीटीसी) पांच दिसंबर को सहरसा से दक्षिण भारत की एक विशेष यात्रा के लिए भारत गौरव पर्यटक ट्रेन का शुभारंभ करने जा रहा है। यह ट्रेन 13 दिनों की यात्रा पूरी कर 17 दिसंबर को सहरसा वापस लौटेगी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को दक्षिण भारत के प्रमुख तीर्थ स्थलों और ऐतिहासिक धरोहरों से परिचित कराना है, जिसमें प्रसिद्ध मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग के दर्शन भी शामिल हैं।
इस पर्यटक ट्रेन की यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। अब तक 600 से अधिक बर्थ बुक हो चुकी हैं, जिनमें स्लीपर क्लास की 450 और एसी बोगी की 150 बर्थ शामिल हैं। आईआरसीटीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक के अनुसार, यह यात्रा भारत सरकार की ‘देखो अपना देश’ और ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ योजनाओं के अनुरूप है, जिसका लक्ष्य घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देना, सांस्कृतिक एकता को मजबूत करना और विभिन्न क्षेत्रों के लोगों के बीच भावनात्मक जुड़ाव को बढ़ाना है।
यह विशेष ट्रेन सहरसा से चलने वाली पहली सीधी ट्रेन है, जो बिहार और पूर्वी भारत के श्रद्धालुओं के लिए दक्षिण भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक यात्रा को सुगम बनाएगी। यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों को तिरूपति में बालाजी और पद्मावती मंदिर, रामेश्वरम में रामनाथ स्वामी ज्योतिर्लिंग, मदुरै में मीनाक्षी मंदिर, कन्याकुमारी में कन्याकुमारी मंदिर एवं विवेकानंद रॉक मेमोरियल, तिरूवनंतपुरम में पद्मनाभस्वामी मंदिर और मल्लिकार्जुन में मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग के दर्शन कराए जाएंगे।
यात्रा के दौरान यात्रियों को न केवल आरामदायक रेल यात्रा का अनुभव मिलेगा, बल्कि विभिन्न स्टेशनों पर आवासीय सुविधा, शाकाहारी भोजन और स्थानीय दर्शनीय स्थलों के भ्रमण के लिए नान-एसी व एसी वाहनों की व्यवस्था भी की जाएगी। यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाएगा, जिसमें ऑनबोर्ड सुरक्षा और यात्रा बीमा भी शामिल है।
यह भारत गौरव पर्यटक ट्रेन सहरसा के अलावा सुपौल, निर्मली, झंझारपुर, दरभंगा, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, हाजीपुर, पाटलिपुत्र, आरा, बक्सर, दिलदारनगर, पंडित दीन दयाल उपाध्याय, और प्रयागराज छिवकी स्टेशनों से भी तीर्थ यात्रियों को अपने गंतव्य तक ले जाएगी। इन सभी स्टेशनों पर यात्रियों के चढ़ने और उतरने का समय पूर्व निर्धारित है।
