अमरोहा: बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे अस्पताल पर चला एसडीएम का हंटर, सील किया गया
अमरोहा जनपद के गजरौला में बिना वैध पंजीकरण के संचालित हो रहे एक निजी अस्पताल पर उपजिलाधिकारी (एसडीएम) चंद्रकांता ने बड़ी कार्रवाई की है। सोमवार को एसडीएम चंद्रकांता ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, गजरौला के अधीक्षक डॉ. योगेंद्र सिंह के साथ मिलकर कांकाठेर गांव में स्थित एक ऐसे ही अस्पताल का औचक निरीक्षण किया, जो कथित तौर पर अवैध रूप से चल रहा था।
निरीक्षण के दौरान मौके पर न तो अस्पताल का संचालक मिला और न ही कोई ऐसा व्यक्ति उपस्थित था जो अस्पताल के संचालन से संबंधित आवश्यक अभिलेख या कागजात प्रस्तुत कर सके। अस्पताल में ऑपरेशन थिएटर (ओटी) टेबल और कुछ दवाइयां जरूर पाई गईं, लेकिन कोई भी मरीज भर्ती नहीं था। दस्तावेजों के अभाव और बिना पंजीकरण के संचालन पाए जाने पर एसडीएम ने तत्काल अस्पताल को सील करने का आदेश दिया।
इस कार्रवाई से स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गया है। स्थानीय लोगों ने विभाग पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा है कि ऐसे अवैध अस्पताल कैसे बिना रोक-टोक के संचालित हो रहे थे। यह घटना स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और नियमों के अनुपालन को लेकर चिंताएं बढ़ाती है।
यह पहली बार नहीं है जब अमरोहा में बिना पंजीकरण के चल रहे अस्पतालों पर कार्रवाई हुई हो। इससे पहले भी जिलाधिकारी के निर्देश पर जोया सीएचसी प्रभारी ने ऐसे दो अस्पतालों को सील किया था। वहीं, धनौरा सीएचसी में मां-बेटे को कमरे में बंद कर पीटने की घटना के बाद चिकित्सा अधीक्षक को हटाया गया था, जो स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की लचरता की ओर इशारा करता है। डिलीवरी के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत के बाद परिजनों के हंगामे ने भी स्वास्थ्य विभाग को कार्रवाई के निर्देश देने पर मजबूर किया था। इन घटनाओं से स्पष्ट है कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर लापरवाही और अनियमितताएं चरम पर हैं, जिन पर सख्त अंकुश लगाने की आवश्यकता है।
