GST धोखाधड़ी: 13 करोड़ का ITC हड़पने वाली बोगस फर्म का पर्दाफाश
आगरा में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विभाग ने एक और फर्जी फर्म का भंडाफोड़ किया है। यह फर्म, जो कागजों में ही मौजूद थी, उसने बिना किसी वास्तविक खरीद के 71.79 करोड़ रुपये की बाह्य आपूर्ति दिखाकर लगभग 13.05 करोड़ रुपये के इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का अनुचित लाभ उठाया। विभाग द्वारा की गई जांच में फर्म के अस्तित्वहीन पाए जाने पर, जीएसटी विभाग ने इस फर्म के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया है।
सूत्रों के अनुसार, विभाग को जीएसटी पोर्टल पर उपलब्ध डेटा की समीक्षा के दौरान इस फर्म पर संदेह हुआ। फर्म, जिसका नाम जगदीश जी ट्रेडर्स बताया गया है, ने 16 जुलाई को ही अपना जीएसटी नंबर प्राप्त किया था। ऑनलाइन आवेदन में फर्म का पता गौतम नगर, आगरा दिखाया गया था, जबकि बैंक का पता उन्नाव जिले में दर्ज था। हालांकि, केंद्रीय जीएसटी (सीजीएसटी) विभाग ने 21 जुलाई को ही इस फर्म का पंजीकरण रद्द कर दिया था।
इसके बावजूद, राज्य जीएसटी (एसजीएसटी) विभाग ने 16 अक्टूबर को इस फर्म के घोषित पते पर जाकर जांच की। स्थानीय पूछताछ में फर्म या उसके मालिक जगदीश के बारे में किसी को कोई जानकारी नहीं थी। फर्म में दिए गए मोबाइल नंबर भी या तो बंद थे या उन पर कॉल रिसीव नहीं हुई। यह स्पष्ट हो गया कि फर्म का पंजीकरण केवल सुनियोजित तरीके से आईटीसी का लाभ उठाने के उद्देश्य से किया गया था, जिसके लिए कूटरचित दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया था।
एसजीएसटी के खंड चार में तैनात राज्य कर अधिकारी की तहरीर के आधार पर, लोहामंडी थाने में जगदीश जी ट्रेडर्स के मालिक जगदीश के खिलाफ कूटरचित दस्तावेजों का प्रयोग कर धोखाधड़ी करने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। यह कार्रवाई विभाग द्वारा फर्जी फर्मों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। सूत्रों के मुताबिक, विभाग ने एक नवंबर से अब तक ऐसी 21 बोगस फर्मों के खिलाफ कार्रवाई की है, जो कर चोरी और धोखाधड़ी में लिप्त पाई गई हैं।
