अन्नपूर्णा जयंती 2025: ऐसे लगाएं मां का प्रिय भोग, घर में बरसेगी कृपा
हिंदू धर्म में अन्न को देवता तुल्य माना गया है और अन्नपूर्णा जयंती इसी महत्व को दर्शाती है। यह पावन पर्व हर साल मार्गशीर्ष महीने की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। इस वर्ष यह जयंती गुरुवार, 4 दिसंबर 2025 को मनाई जाएगी। यह दिन देवी पार्वती के उस स्वरूप को समर्पित है, जो आदिशक्ति का एक रूप हैं और जिन्होंने सृष्टि में अन्न की उत्पत्ति कर मानव जाति का कल्याण किया। इस दिन विशेष रूप से रसोई, चूल्हे और अन्न के भंडार की पूजा की जाती है, ताकि घर में सुख-समृद्धि और अन्न का भंडार हमेशा भरा रहे।
मान्यता है कि अन्नपूर्णा जयंती के दिन श्रद्धापूर्वक मां अन्नपूर्णा को उनके प्रिय भोग अर्पित करने से भक्तों के घर में साल भर अन्न-धन की कमी नहीं होती। इस दिन किए जाने वाले पूजन और भोग में तामसिक वस्तुओं का प्रयोग वर्जित है। मां को प्रसन्न करने के लिए सात्विक और पौष्टिक आहार का भोग लगाना चाहिए।
**मां अन्नपूर्णा को प्रिय भोग:**
**खीर:** मिठास और समृद्धि का प्रतीक मानी जाने वाली खीर, विशेष रूप से चावल और दूध से बनी, मां अन्नपूर्णा को अत्यंत प्रिय है। खीर बनाते समय उसमें तुलसी दल अवश्य डालें, जो इसे और भी पवित्र बनाता है।
**पूरियां और सब्जी:** यह पर्व अन्न के महत्व का उत्सव है, इसलिए ताज़ी, शुद्ध घी में तली हुई पूरियों का भोग विशेष रूप से लगाया जाता है। इसे गरमागरम सब्जी के साथ अर्पित करना शुभ माना जाता है।
**बेसन के लड्डू:** बेसन और शुद्ध घी से बने लड्डू मां अन्नपूर्णा को अर्पित करने से घर में ज्ञान और समृद्धि का वास होता है। पीला रंग भगवान विष्णु को प्रिय है, और बेसन का पीला रंग इस शुभता को और बढ़ाता है।
**मौसमी फल:** देवी को प्रसन्न करने के लिए कम से कम पांच प्रकार के ताज़े, मौसमी फलों का भोग लगाना चाहिए। यह प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और देवी के प्रति समर्पण का भाव दर्शाता है।
**गुड़ और तिल से बनी वस्तुएं:** पौष माह के आसपास तिल का महत्व बढ़ जाता है। गुड़ ऊर्जा और मिठास का प्रतीक है। गुड़ और तिल से बनी वस्तुएं, जैसे गजक या लड्डू, मां को चढ़ाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और धन संबंधी बाधाएं दूर होती हैं।
अन्नपूर्णा जयंती का यह पर्व हमें अन्न की महत्ता और उसके संरक्षण का संदेश देता है। इस दिन इन विशेष भोगों को लगाकर और सच्चे हृदय से पूजा करके, भक्त मां अन्नपूर्णा का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं और अपने घर को धन-धान्य से परिपूर्ण रख सकते हैं।
