अरवल को मिलेगी जाम से मुक्ति: 14 किमी लंबा ग्रीनफील्ड बाईपास बनेगा
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने अरवल शहर को जाम के झाम से मुक्त कराने के लिए एक बड़ी सौगात दी है। मंत्रालय ने 650 करोड़ रुपये की लागत से 14 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड बाईपास बनाने की मंजूरी प्रदान की है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय राजमार्ग 139 पर वाहनों के अत्यधिक दबाव के कारण लगने वाले भीषण जाम से निजात दिलाना है, जो पिछले कई वर्षों से शहरवासियों के लिए एक बड़ी समस्या बनी हुई है।
स्थानीय नागरिकों और व्यापारिक संगठनों द्वारा वर्षों से बाईपास निर्माण की मांग की जा रही थी। शहर के भगत सिंह चौक के समीप तीन मोहानी होने के कारण, जहां एनएच 110 और 139 आकर मिलते हैं, तथा बालू परिवहन के कारण वाहनों की अधिकता से यहां प्रतिदिन जाम की स्थिति बनी रहती है। इस जाम के कारण न केवल आम नागरिकों को असुविधा होती है, बल्कि पैदल चलने वालों को भी भारी कठिनाई का सामना करना पड़ता है। आपातकालीन सेवाओं, जैसे एम्बुलेंस, को भी समय पर गंतव्य तक पहुंचाने में ट्रैफिक पुलिस को पसीने छूट जाते हैं।
बाईपास निर्माण की इस मंजूरी से शहर के दुकानदारों को भी बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। लगातार लगने वाले जाम के कारण उनकी दुकानदारी भी प्रभावित होती थी। चैंबर्स ऑफ कॉमर्स द्वारा इस मुद्दे को लेकर कई बार आवाज उठाई गई थी और जिलाधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा गया था। अब बाईपास बन जाने के बाद भारी वाहन शहर की सड़कों से नहीं गुजरेंगे, जिससे यातायात सुगम होगा और व्यापार-व्यवसाय को भी बल मिलेगा।
राष्ट्रीय राजमार्ग 139 के कार्यपालक अभियंता, श्री तुलसी प्रसाद, ने बताया कि बाईपास राष्ट्रीय राजमार्ग 139 पर प्रसादी इंग्लिश बाजार से शुरू होकर समाहरणालय के पूरब मोथा गांव से गुजरते हुए पिपरा बंगला गांव के समीप एनएच 139 पर ही मिल जाएगा। उन्होंने बताया कि 14 किलोमीटर लंबाई के इस बाईपास के निर्माण के लिए स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। वर्तमान में भूमि अधिग्रहण संबंधी विभागीय प्रक्रियाएं चल रही हैं। भूमि अधिग्रहण पूरा होते ही बाईपास निर्माण का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया जाएगा। इस परियोजना से अरवल के यातायात व्यवस्था में क्रांतिकारी परिवर्तन आने की उम्मीद है।
