बंगाल में महिला ने किया आत्मदाह, मतदाता सूची के तनाव ने ली जान
पश्चिम बंगाल के पूर्व बर्धमान जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक 50 वर्षीय महिला ने कथित तौर पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के कारण अत्यधिक मानसिक तनाव में आकर आत्मदाह कर लिया। अविवाहित मुस्तारा खातून काजी अपने माता-पिता के साथ रहती थीं और 2002 की मतदाता सूची में अपना नाम होने के बावजूद चल रही एसआइआर सत्यापन प्रक्रिया को लेकर गहरी चिंता में थीं।
सूत्रों के अनुसार, महिला इस बात से काफी परेशान थी कि उसका नाम सूची में होने के बावजूद उसे इस पुनरीक्षण प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने परिवार के सदस्यों के हवाले से बताया कि उन्होंने महिला को बार-बार आश्वस्त करने की कोशिश की थी कि उसे किसी भी दस्तावेज प्रक्रिया में कोई कठिनाई नहीं होगी और उसने घटना वाले दिन, शुक्रवार को अपना गणना प्रपत्र भी जमा कर दिया था। इसके बावजूद, महिला तनाव में थी।
देर रात, जब परिवार के सदस्यों ने घर से आग की लपटें उठती देखीं, तो वे तुरंत उसे बचाने के लिए दौड़े। गंभीर रूप से झुलसी हुई मुस्तारा खातून को तुरंत भातार ब्लॉक अस्पताल ले जाया गया, लेकिन दुर्भाग्यवश, वहाँ मौजूद चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इस दुखद घटना के बाद, पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे घटना से जुड़ी सभी परिस्थितियों की गहन जांच कर रहे हैं। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि महिला किस हद तक तनाव में थी और क्या कोई अन्य कारण भी इस घटना के पीछे हो सकता है। इस घटना ने मतदाता सूची सत्यापन प्रक्रिया के दौरान आम नागरिकों पर पड़ने वाले मानसिक दबाव को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
