0

बस डिजाइन की जानलेवा खामियां: NHRC ने जताई गंभीर चिंता, तत्काल कार्रवाई की मांग

By Nov 29, 2025

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने सार्वजनिक परिवहन बसों के डिजाइन में पाई गई ‘घातक खामियों’ पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। आयोग ने इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को एक विस्तृत पत्र भेजा है। सूत्रों के अनुसार, आयोग ने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय से राष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा मानदंडों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने और नियमों का उल्लंघन करने वाली बसों को राज्य स्तर पर वापस बुलाने का आग्रह किया है।

आयोग ने यह कदम एक शिकायत पर संज्ञान लेते हुए उठाया है, जिसमें यात्रियों की सुरक्षा और वाहन अनुमोदन प्रक्रिया में व्यवस्थागत लापरवाही को उजागर किया गया था। शिकायत में विशेष रूप से राजस्थान के जैसलमेर-जोधपुर राजमार्ग पर 14 अक्टूबर, 2025 को हुई एक स्लीपर बस में आग लगने की दुखद घटना का उल्लेख किया गया है। इस हादसे के बाद केंद्रीय सड़क परिवहन संस्थान (सीआइआरटी) द्वारा किए गए निरीक्षण में यह पाया गया था कि बस में अग्नि शमन प्रणालियों का अभाव था और आंतरिक संरचना का डिजाइन अनुचित था, जो अनिवार्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन था।

NHRC ने इस बात पर भी जोर दिया है कि सार्वजनिक परिवहन बसों के डिजाइन में बार-बार होने वाली ये घातक खामियां यात्रियों के जीवन को खतरे में डाल रही हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार, कुछ बसों में ड्राइवर केबिन यात्रियों के कंपार्टमेंट से पूरी तरह अलग होता है, जिससे आपात स्थिति में आग का पता लगाने और संचार करने में बाधा आती है। आयोग ने कहा है कि ऐसी घटनाओं में हुई मौतें रोकी जा सकती थीं। शिकायतकर्ता ने यह भी तर्क दिया है कि इस तरह के असुरक्षित डिजाइन संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के मौलिक अधिकार का उल्लंघन करते हैं, साथ ही बस निर्माताओं और अनुमोदन प्राधिकारियों की ओर से की गई व्यवस्थागत खामियों की ओर भी इशारा किया है।

इन गंभीर आरोपों को देखते हुए, NHRC ने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के सचिव और पुणे स्थित केंद्रीय सड़क परिवहन संस्थान के निदेशक को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है। दोनों से आरोपों की जांच कर दो सप्ताह के भीतर एक विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है, ताकि आयोग इसकी समीक्षा कर सके। इसके अतिरिक्त, NHRC ने ऐसी त्रासदियों को भविष्य में होने से रोकने के लिए पीड़ितों और उनके परिवारों के लिए एक प्रभावी मुआवजा तंत्र स्थापित करने की भी मांग की है।

About

Journalist covering latest updates.

साझा करें