वाराणसी में ‘वन वार्ड वन गैंग’ योजना लागू, अपराध और अंधेरे पर लगेगी लगाम
वाराणसी शहर की सुरक्षा और सुविधा को बेहतर बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। नगर निगम ने ‘वन वार्ड वन गैंग’ योजना को पूरे शहर में लागू कर दिया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य अपराधों पर अंकुश लगाना और शहर की सड़कों को रात में अधिक सुरक्षित बनाना है।
इस योजना के तहत, प्रत्येक वार्ड में एक विशेष पुलिस टीम के साथ-साथ एक समर्पित तकनीकी टीम भी तैनात की गई है। तकनीकी टीम में लाइनमैन, हेल्पर और इलेक्ट्रीशियन शामिल हैं। यह टीम अपने-अपने वार्ड की स्ट्रीट लाइटों का दैनिक निरीक्षण करेगी और शाम तथा रात के समय फील्ड में रहकर खराब लाइटों की मरम्मत का कार्य करेगी। नगर निगम के अनुसार, अब किसी भी शिकायत के आने पर स्ट्रीट लाइट की मरम्मत अधिकतम 24 घंटे के भीतर अनिवार्य रूप से की जाएगी। विशेष परिस्थितियों में, मरम्मत के लिए 48 घंटे तक का समय दिया जा सकता है।
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि इस योजना से न केवल शहर की अंधेरी गलियाँ रोशन होंगी, बल्कि अपराध और दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी। उन्होंने कहा, “शहर की प्रकाश व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाना हमारी प्राथमिकता है। इस योजना से न केवल रात में सड़कें सुरक्षित होंगी, बल्कि अपराध और दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी।” उन्होंने शहरवासियों से भी अपील की है कि वे अपने वार्ड की खराब स्ट्रीट लाइटों की सूचना तुरंत नगर निगम को दें ताकि 24 घंटे के अंदर मरम्मत हो सके।
तकनीकी टीम को मरम्मत कार्य के लिए आवश्यक सामग्री, जैसे बल्ब, चोक, टाइमर, एमसीबी, वायरिंग सामग्री आदि उपलब्ध कराए गए हैं। इसके साथ ही, मरम्मत के दौरान सुरक्षा बेल्ट, ऑटो कट-ऑफ, सीढ़ी और इंडिकेटर जैसे सुरक्षा उपकरणों का उपयोग अनिवार्य किया गया है। तकनीकी मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
प्रत्येक गैंग अपनी दैनिक रिपोर्ट जोनल कार्यालय, विद्युत विभाग और मुख्य नियंत्रण कक्ष को भेजेगी। खराब पड़ी स्ट्रीट लाइट्स की संख्या का रोजाना अपडेट भी किया जाएगा। इस पूरी व्यवस्था की सतत निगरानी जोनल अधिकारी और विद्युत विभाग मिलकर करेंगे। इस योजना से पुलिस और जनता के बीच सहयोग बढ़ने की भी उम्मीद है, जिससे अपराध संबंधी जानकारी जुटाने और त्वरित कार्रवाई करने में मदद मिलेगी। वाराणसी अब ‘रोशनी का शहर’ बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
