धनबाद में मोतियाबिंद महाघोटाला: एक मरीज के चार ऑपरेशन दर्ज, सरकारी धन की लूट
झारखंड के धनबाद जिले में मोतियाबिंद के इलाज के नाम पर सरकारी धन के दुरुपयोग का एक गंभीर मामला सामने आया है। स्वास्थ्य विभाग को मिली शिकायतों के बाद इस फर्जीवाड़े की परतें खुलने लगी हैं। आरोप है कि कुछ नेत्र चिकित्सालयों ने सरकारी योजनाओं का लाभ उठाते हुए एक ही मरीज के दो आँखों के लिए चार-चार ऑपरेशन दर्ज कर लिए और इसके एवज में सरकारी राशि की निकासी कर ली।
सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार को विभागीय टीम ने गोविंदपुर स्थित एक नेत्र अस्पताल में जांच के लिए पहुंची, लेकिन अस्पताल बंद पाया गया। इसके बावजूद, अधिकारियों ने उपलब्ध दस्तावेजों और पूर्व ऑपरेशन रिकॉर्ड के आधार पर अपनी जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाया। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि जिले के कई नेत्र चिकित्सालय सरकारी योजना के तहत हो रहे मोतियाबिंद ऑपरेशनों में अनियमितता बरत रहे हैं।
विभागीय सूत्रों का कहना है कि झी लमन बीबी नामक एक मरीज का वास्तविक मोतियाबिंद ऑपरेशन नयन सुख अस्पताल में हुआ था। इसके बावजूद, जिले के दो अन्य नेत्र अस्पतालों ने भी उसी मरीज का ऑपरेशन दिखाकर सरकारी राशि प्राप्त कर ली। यह एक अकेले मामले का उदाहरण नहीं है, बल्कि जांच टीम को ऐसे लगभग एक दर्जन मरीजों के होने का संदेह है जिनके नाम पर तीन से चार बार ऑपरेशन दर्ज किए गए हैं। इसका मतलब है कि मरीज का ऑपरेशन भले ही एक बार हुआ हो, लेकिन कागजों में कई बार सर्जरी दिखाकर अस्पतालों ने सरकारी खजाने से पैसे निकाल लिए।
सिविल सर्जन के निर्देश पर गठित मेडिकल टीम अब सभी संबंधित रिकॉर्ड, अस्पतालों की सूची, मरीजों के बयान और ऑपरेशन से जुड़े दस्तावेजों की गहनता से जांच कर रही है। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में धोखाधड़ी साबित होती है, तो संबंधित अस्पतालों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने आम जनता से भी अपील की है कि वे अपने उपचार से संबंधित सभी दस्तावेज सुरक्षित रखें और किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल विभाग को दें ताकि ऐसे घोटालों पर अंकुश लगाया जा सके।
