गयाजी में पछुआ हवा का प्रकोप, अचानक बढ़ी ठंड, अलाव जलाने को मजबूर लोग
गयाजी में पछुआ हवा के तेज़ बहाव ने अचानक ठंड बढ़ा दी है। पिछले दो दिनों से लगातार चल रही पछुआ हवा के कारण तापमान में गिरावट आई है, जिससे सुबह और शाम के समय कनकनी बढ़ गई है। शाम ढलते ही ठंड का असर तेज़ हो जाता है, जो सुबह धूप निकलने तक बना रहता है। इस अचानक बढ़ी ठंड का सबसे ज़्यादा असर स्कूली बच्चों और गरीब तबके के लोगों पर देखा जा रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों ने ठंड से बचाव के लिए अलाव जलाना शुरू कर दिया है। निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को सुबह-सुबह कड़ाके की ठंड में स्कूल जाना पड़ रहा है, जिससे अभिभावक भी चिंतित हैं। वहीं, गरीब परिवारों के लोग गर्म कपड़ों के अभाव में ठिठुरने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर सरकारी अलाव की व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि आम जनता को इस शीतलहर से कुछ राहत मिल सके।
स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने बताया कि ठंड तेज़ी से बढ़ रही है और लोगों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। उन्होंने सलाह दी कि ठंड में गर्म कपड़े पहनें, रात में खुले में सोने से बचें और नियमित रूप से गुनगुना पानी पिएं। बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। सर्दी, खांसी या बुखार जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराने का निर्देश दिया गया है। स्वास्थ्य केंद्र में ठंड से प्रभावित मरीजों के इलाज की पर्याप्त व्यवस्था मौजूद है।
बच्चों की सुरक्षा के लिए, उन्होंने सुझाव दिया कि सुबह स्कूल भेजते समय उन्हें टोपी, मफलर, मोजा और गर्म जैकेट पहनाएं। बच्चों को खाली पेट घर से न निकलने दें और देर शाम खेलने से भी रोकें। नवजात शिशुओं और छोटे बच्चों को ठंडी हवा से बचाकर घर के गर्म कमरे में रखने की सलाह दी गई है।
