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सब्जियों के दाम 20% तक बढ़े, टमाटर हुआ ‘लाल’, आम आदमी की थाली से गायब हुई लाली

By Nov 28, 2025

चरखी दादरी के खुदरा बाजारों में पिछले दो हफ्तों के भीतर सब्जियों के दामों में लगभग 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी ने आम आदमी के रसोई बजट को बिगाड़ दिया है। विशेष रूप से टमाटर के भावों में आई भारी उछाल ने गृहिणियों को काफी परेशान कर दिया है, जिसके चलते अब वे सोच-समझकर ही सब्जियों का इस्तेमाल कर पा रही हैं। टमाटर के साथ-साथ आलू, प्याज, मटर, गाजर, धनिया, लौकी, टिंडा, पेठा जैसी अन्य सब्जियों के दामों में भी अच्छी-खासी वृद्धि देखी गई है।

आमतौर पर सर्दियों की शुरुआत और तापमान में गिरावट के साथ सब्जियों के दाम कम होने लगते थे, लेकिन इस बार तस्वीर बिल्कुल उलट नजर आ रही है। स्थानीय सब्जी विक्रेताओं के अनुसार, इन दिनों शादी-ब्याह के सीजन के चलते सब्जियों की मांग बढ़ी है, जिसके कारण बाहरी राज्यों से आने वाली सब्जियों की आपूर्ति प्रभावित हो रही है और दाम बढ़ रहे हैं। हालांकि, उनका मानना है कि यह स्थिति अस्थायी है और अगले महीने तक दामों में कमी आने की उम्मीद है।

स्थानीय महिलाओं, जिनमें रमेश कुमारी, पूनम, शशीबाला, कमलेश और मोनिका शामिल हैं, ने बताया कि सब्जियों के बढ़ते दामों के कारण उन्हें अब काफी सोच-समझकर रसोई में इनका प्रयोग करना पड़ रहा है। टमाटर के भाव इतने अधिक हो गए हैं कि वे अपनी पसंद की डिशेज भी नहीं बना पा रही हैं। उन्होंने कहा कि पिछले महीने सब्जियों के दामों में कुछ गिरावट आई थी, लेकिन अब स्थिति फिर से विपरीत हो गई है।

पुरानी सब्जी मंडी, जो रिटेल बाजार के रूप में जानी जाती है, के दुकानदार नवीन सैनी, सिकंदर, वीरेंद्र, अनिल, रमेश और अनूप सिंह ने बताया कि वैवाहिक सीजन के अलावा, कुछ सब्जियों की फसलें पिछले दिनों खराब हो जाने के कारण भी आपूर्ति बाधित हुई है। इन सब्जियों को समीपवर्ती और दूरदराज के राज्यों से मंगाया जा रहा है, जिस कारण दामों में बढ़ोतरी हुई है। उनका कहना है कि स्थानीय स्तर पर आपूर्ति शुरू होने के बाद कीमतों में गिरावट आ सकती है।

दादरी की नई सब्जी मंडी थोक बाजार का केंद्र है, जहां से अधिकांश रिटेल विक्रेता, स्टॉलधारक और रेहड़ी वाले सब्जियां खरीदते हैं। नई मंडी और रिटेल बाजार के बीच दामों में 10 से 20 प्रतिशत का अंतर देखा जा सकता है। कुछ लोग सुबह-सुबह नई मंडी से खरीददारी करते हैं, लेकिन शहर से दूरी के कारण आम आदमी के लिए वहां पहुंचना मुश्किल होता है। रिटेल दुकानदारों का तर्क है कि नई मंडी से सब्जियां खरीदकर लाने में किराये और अन्य खर्चों के अलावा कुछ सब्जियां खराब भी हो जाती हैं, जिस कारण खुदरा दामों में वृद्धि स्वाभाविक है।

वर्तमान में सब्जियों के भाव इस प्रकार हैं (प्रति किलोग्राम):
टमाटर: 80 रुपये (पहले 40 रुपये)
आलू: 25 रुपये (पहले 20 रुपये)
प्याज: 25 रुपये (पहले 20 रुपये)
हरी मटर: 100 रुपये (पहले 80 रुपये)
टिंडा: 60 रुपये (पहले 30 रुपये)
गाजर: 35 रुपये (पहले 30 रुपये)
हरी मिर्च: 60 रुपये (पहले 40 रुपये)
गोभी: 40 रुपये (पहले 30 रुपये)
पालक: 40 रुपये (पहले 30 रुपये)
घीया: 40 रुपये (पहले 20 रुपये)
करेला: 60 रुपये (पहले 40 रुपये)
पेठा: 35 रुपये (पहले 25 रुपये)
बैंगन: 40 रुपये (पहले 30 रुपये)
मूली: 25 रुपये (पहले 20 रुपये)

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