स्कूल जा रही छात्रा पर बंदरों का झुंड टूटा, चेहरे पर गंभीर चोटें
बागेश्वर जिले में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ रहा है, जिसका खामियाजा अब स्कूली छात्र-छात्राएं भुगत रहे हैं। गुरुवार को काफलीगैर तहसील के छौना-बिलौरी गांव निवासी 17 वर्षीय रिया पुत्री भगवती प्रसाद, जो राइंका काफलीगैर में 12वीं की छात्रा है, स्कूल जा रही थी। तभी रास्ते में अचानक बंदरों के एक झुंड ने उस पर हमला बोल दिया।
इस क्रूर हमले में रिया गंभीर रूप से घायल हो गई। चिकित्सकों के अनुसार, छात्रा के नाक पर दो, माथे पर दो और होंठ पर एक टांका लगाया गया है। एक्सरे रिपोर्ट आने के बाद ही चोट की गंभीरता का पूरी तरह पता चल सकेगा। बंदरों ने आसपास मौजूद अन्य छात्राओं को भी काटने के लिए दौड़ाया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
सूचना मिलते ही परिजनों ने रिया को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका उपचार किया जा रहा है। इमरजेंसी में नियुक्त चिकित्सक ने बताया कि टांके लगाए गए हैं और आगे की जांच की जा रही है।
इस घटना के बाद ग्रामीणों में बंदरों के बढ़ते आतंक को लेकर गहरा रोष और चिंता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस समस्या के तत्काल समाधान की मांग की है। उनका कहना है कि बंदरों के उत्पात से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है और अब वे स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए भी खतरा बन गए हैं। परिजनों ने वन विभाग से घायल छात्रा के उपचार के लिए उचित मुआवजा देने की भी मांग की है। यह घटना इस बात का संकेत है कि जंगली जानवरों के शहरी और ग्रामीण इलाकों में बढ़ते हस्तक्षेप पर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है।
