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उत्तराखंड कैबिनेट का जनता को तोहफा: तीन बड़े फैसले, जनहित में लिए गए निर्णय

By Nov 28, 2025

उत्तराखंड सरकार ने जनहित को सर्वोपरि रखते हुए बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में तीन बड़े और महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं, जिन पर मुहर लग गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कुल 10 प्रस्तावों पर चर्चा हुई, जिनमें से सात को स्वीकृति मिली और तीन को स्थगित कर दिया गया।nnवन्यजीवों के साथ बढ़ते मानव संघर्ष को देखते हुए, सरकार ने मानव-वन्यजीव संघर्ष राहत वितरण निधि नियमावली में संशोधन को स्वीकृति प्रदान की है। इस संशोधन के तहत, अब वन्यजीवों के हमले में किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर उसके परिजनों को 10 लाख रुपये की मुआवजा राशि दी जाएगी। साथ ही, यदि कोई व्यक्ति घायल होता है, तो उसके उपचार का संपूर्ण खर्च भी राज्य सरकार वहन करेगी। यह निर्णय वन्यजीवों के कारण होने वाले नुकसान से प्रभावित परिवारों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है।nnकैबिनेट ने लैंगिक समानता को बढ़ावा देने और महिला कार्मिकों को पुरुष कर्मकारों के समान अवसर प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब राज्य की दुकानों और प्रतिष्ठानों में महिला कर्मकारों को रात्रि पाली (रात नौ बजे से सुबह छह बजे तक) में काम करने की सशर्त छूट दी गई है। इस निर्णय के साथ ही, महिला कर्मियों की सुरक्षा के पर्याप्त प्रविधान सुनिश्चित किए गए हैं। रात्रि पाली में महिला कर्मियों को कार्य पर रखने से पहले उनकी लिखित सहमति प्राप्त करना अनिवार्य होगा। यह कदम महिलाओं को रोजगार के अधिक अवसर प्रदान करने और कार्यस्थल पर समानता लाने की दिशा में एक अहम पहल है।nnराजधानी देहरादून में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से, सरकार ने नियो मेट्रो के विकल्प के तौर पर ईबीआरटीएस (एलिवेटेड बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) को अपनाने का निर्णय लिया है। कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव पर व्यापक विचार-विमर्श के बाद इसे मंजूरी दी गई। अब जल्द ही ईबीआरटीएस के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी। पूर्व में नियो मेट्रो के प्रस्ताव पर केंद्र सरकार से कुछ सुझाव प्राप्त हुए थे, जिनके आलोक में यह निर्णय लिया गया है। ईबीआरटीएस के लागू होने से देहरादून की यातायात व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है।nnसूत्रों के अनुसार, इन निर्णयों का उद्देश्य सीधे तौर पर राज्य के नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाना और उन्हें अधिक सुविधाएं प्रदान करना है। सरकार का मानना है कि ये फैसले जनता के विश्वास पर खरे उतरेंगे और राज्य के विकास में सहायक सिद्धान्तों के अनुरूप हैं।”
अनुरूप होंगे।

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