आदि कैलास और ओम पर्वत यात्रा 1 दिसंबर से बंद, परमिट जारी नहीं होंगे
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में स्थित आदि कैलास और ओम पर्वत की वार्षिक यात्रा 1 दिसंबर से बंद कर दी जाएगी। प्रशासन ने भारी बर्फबारी और दुर्गम मौसम के कारण यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस अवधि के दौरान यात्रियों के लिए इनर लाइन परमिट (ILP) जारी नहीं किए जाएंगे।
सूत्रों के अनुसार, पार्वती कुंड जैसे ऊपरी क्षेत्रों में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिसके चलते मार्गों पर बर्फ जमने लगी है। बीट-कार्मिकों की रिपोर्टों और यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए, उपजिलाधिकारी धारचूला जितेंद्र वर्मा ने स्थिति की समीक्षा के बाद यह फैसला लिया है। उन्होंने बताया कि ऊपरी क्षेत्रों से वन्यजीवों का माइग्रेशन शुरू हो गया है, जिससे मार्ग फिसलन भरे और खतरनाक हो गए हैं।
प्रशासन ने यह भी पाया है कि यात्रा के लिए इनर लाइन परमिट हेतु आवेदनों की संख्या भी काफी कम हो गई है, जो यात्रा के प्रति घटती रुचि या मौसम की प्रतिकूलता को दर्शाता है। पिछले वर्ष 2024 में भी, इनर लाइन परमिट जारी करने की प्रक्रिया 15 नवंबर से ही बंद कर दी गई थी।
आदि कैलास और ओम पर्वत अपनी आध्यात्मिक और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाने जाते हैं, और हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक इन पवित्र स्थलों के दर्शन के लिए आते हैं। सर्दियों के महीनों में, विशेष रूप से दिसंबर से फरवरी तक, भारी हिमपात के कारण यह क्षेत्र दुर्गम हो जाता है।
प्रशासन का कहना है कि यात्रा को सुरक्षित रूप से फिर से शुरू करने की तारीख की घोषणा अगले साल मौसम के अनुकूल होने और मार्गों के सुरक्षित होने के बाद ही की जाएगी। यात्रियों से अपील की गई है कि वे इस अवधि में यात्रा की योजना न बनाएं और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
