ताजमहल का मुख्य गुंबद निखरेगा, दिसंबर के अंत तक हटेगी पाड़
आगरा: विश्व प्रसिद्ध स्मारक ताजमहल का मुख्य गुंबद संरक्षण कार्य के बाद दिसंबर के अंत तक पर्यटकों के लिए अपने पूरे भव्य रूप में सामने आएगा। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के अधिकारियों के अनुसार, मुख्य मकबरे के गुंबद पर लगी पाड़ (स्केफोल्डिंग) को इस वर्ष के अंत तक हटा दिए जाने की संभावना है। इस पाड़ के हटने के बाद, स्मारक का मुख्य गुंबद और भी अधिक निखरा हुआ और आकर्षक दिखाई देगा, जिससे पर्यटकों को फोटो खींचने और स्मारक का दीदार करने में सहूलियत होगी।
सूत्रों के अनुसार, यह संरक्षण कार्य पिछले वर्ष मुख्य मकबरे में स्थित शाहजहां और मुमताज की कब्रों वाले कक्ष में पानी टपकने की समस्या के बाद शुरू किया गया था। सितंबर माह में लगातार हुई बारिश के कारण यह रिसाव देखा गया था। एएसआई ने ड्रोन कैमरे और लाइट डिटेक्शन एंड रेंजिंग (लिडार) तकनीक का उपयोग करके गुंबद और मकबरे की छत का गहन निरीक्षण किया था। इस जांच में गुंबद व मकबरे की छत में दो स्थानों से पानी के रिसाव की पुष्टि हुई थी।
इस समस्या के समाधान के लिए, इसी वर्ष जून माह में लगभग 78 लाख रुपये की लागत से मुख्य मकबरे की छत और गुंबद के संरक्षण का कार्य आरंभ किया गया था। इस कार्य के तहत, मुख्य गुंबद के शीर्ष पर स्थित कलश (पिनेकल) के चारों ओर पाड़ बांधी गई थी, जो अभी तक लगी हुई है। एएसआई केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीबीआरआइ) की रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है, ताकि दिल्ली स्थित मुख्यालय से आवश्यक दिशा-निर्देश प्राप्त हो सकें। इन दिशा-निर्देशों के मिलते ही पाड़ हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
अधिकारियों का मानना है कि पाड़ हटने के बाद, ताजमहल का सौंदर्य और भी बढ़ जाएगा। वर्तमान में, पाड़ के कारण स्मारक की तस्वीरें उतनी आकर्षक नहीं आ पातीं, जितनी पाड़ हटने के बाद आएंगी। यह कार्य न केवल स्मारक के संरक्षण के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह पर्यटकों के अनुभव को भी बेहतर बनाएगा।
