कानपुर में ‘प्रैंक’ के नाम पर बच्चे से फिरौती मांगने वाले 8 गिरफ्तार, सोशल मीडिया फॉलोअर्स बढ़ाने का था मकसद
कानपुर में सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स बढ़ाने की सनक में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। गुजैनी इलाके में 10 वर्षीय बच्चे के अपहरण का नाटक रचकर उसकी मां से दो लाख रुपये की फिरौती मांगने वाले आठ आरोपितों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनमें तीन नाबालिग भी शामिल हैं। यह घटना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने की होड़ में युवाओं द्वारा किए जा रहे गैर-जिम्मेदाराना कृत्यों पर गंभीर सवाल उठाती है और कानपुर crime news में एक नया आयाम जोड़ती है।
यह पूरा मामला 11 फरवरी का है, जब बर्रा आठ निवासी प्राइवेट कर्मी अमित शुक्ला का बेटा हर्षल पास की सब्जी मंडी गया था। इसी दौरान हर्षल की मां प्रभाती उर्फ निधि को एक अनजान नंबर से फोन आया। कॉल उठाने पर बेटे की आवाज आई, जिसने कहा कि उसका अपहरण हो गया है और दो लाख रुपये की फिरौती मांगी जा रही है। हालांकि, 20 मिनट बाद दोबारा फोन आया और बेटे ने घर लौटने की बात कही, जबकि एक युवक ने इसे सिर्फ ‘मजाक’ या ‘प्रैंक’ बताया।
हर्षल के घर पहुंचने पर परिजन उसे थाने लेकर पहुंचे। वहां हर्षल ने बताया कि रास्ते में उसे 14-15 साल के दो लड़के मिले थे, जो उसे बातों में उलझाकर केडीएमए स्कूल के पास एक सुनसान जगह पर ले गए और उससे फोन करवाया। डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि घटना के बाद नाबालिगों ने अपने फोन बंद कर लिए थे। पुलिस ने लगभग 150 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद आरोपितों को दबोचा।
पूछताछ में आरोपितों ने अपना जुर्म कबूल किया और बताया कि वे सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स बढ़ाकर कमाई करने के लिए अपहरण और फिरौती मांगने का वीडियो बनाना चाहते थे, जो उनके अनुसार सिर्फ एक मजाक था। पुलिस ने बर्रा आठ कच्ची बस्ती निवासी अरविंद सिंह, मो. शाहिद, अमन कटिया, वरुण विहार कच्ची बस्ती के लकी और जरौली फेस टू के चंदन कुमार को जेल भेज दिया है, जबकि तीन नाबालिगों को बाल सुधार गृह इटावा भेजा गया है। पुलिस ने बताया कि आरोपितों ने कन्नौज और आंध्र प्रदेश के पते वाले सिम कार्ड का इस्तेमाल किया था। वे एक समूह बनाकर ऐसे वीडियो बनाते हैं। आरोपितों के खिलाफ आगे की कार्रवाई के लिए और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
