हाथों के सहारे 7KM परिक्रमा: 13 साल के आराध्य का अद्भुत जज्बा, बरसाना में रचेंगे इतिहास
13 वर्षीय आराध्य गुप्ता ने अपने जज्बे और साहस से एक अनोखा संकल्प लिया है। वे 25 जून से बरसाना की सात किलोमीटर लंबी परिक्रमा अपने हाथों के सहारे पूरी करेंगे। यह परिक्रमा उनकी दादी की इच्छा को पूरा करने के लिए है, जो चाहती थीं कि उनका पोता कुछ खास करे और इतिहास रचे। आराध्य, जो आठ साल की उम्र से हाथों के सहारे चलने का अभ्यास कर रहे हैं, वर्तमान में एक बार में 20 मीटर तक चल सकते हैं।
आराध्य को 56 योगासन का ज्ञान है और वे एक हैंडबाल खिलाड़ी भी हैं। उनके माता-पिता, कमलेश और सीमा गुप्ता, ने उन्हें योग के प्रति निरंतर प्रेरित किया है। इस परिक्रमा को वे अपनी दादी को समर्पित करना चाहते हैं और इसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज कराने का सपना देखते हैं। उनके पिता कमलेश गुप्ता एक निजी व्यवसाय से जुड़े हैं।
आराध्य का यह साहसिक कार्य न केवल उनकी शारीरिक क्षमता का प्रमाण है, बल्कि उनके दृढ़ संकल्प और पारिवारिक मूल्यों का भी प्रतीक है। मां के मार्गदर्शन और पिता के सहयोग से, वे इस परिक्रमा को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, और इस प्रक्रिया में वे अपने आसपास के लोगों को भी प्रेरित कर रहे हैं।
