कानपुर को बाल श्रम मुक्त बनाने के लिए 310 श्रमिक मित्र होंगे ब्रांड एम्बेसडर
कानपुर को बाल श्रम मुक्त बनाने की दिशा में श्रम विभाग ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इस वर्ष दिसंबर तक जिले को पूरी तरह से बाल श्रम से मुक्त करने के लिए, विभाग ने श्रमिकों का सहयोग लेने का निर्णय लिया है। इस पहल के तहत, अटल आवासीय विद्यालय में अध्ययनरत 310 छात्रों के पिताओं को ‘श्रमिक मित्र’ के रूप में नामित किया जाएगा। ये श्रमिक मित्र कार्यस्थलों पर बाल श्रम को रोकने और हतोत्साहित करने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। साथ ही, वे बाल श्रम की घटनाओं की सूचना श्रम अधिकारियों तक पहुंचाएंगे।
कानपुर को बाल श्रम मुक्त बनाने का पहला चरण सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है। बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर, शहर के पांच वार्डों को बाल श्रम मुक्त घोषित किया गया था। इस अभियान को आगे बढ़ाते हुए, मुख्य विकास अधिकारी ने ‘श्रमिक मित्र’ बनाए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अटल आवासीय विद्यालय रामपुर नरुआ में कानपुर नगर के कुल 310 बच्चे शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। श्रम विभाग इन बच्चों के पिताओं को श्रमिक मित्र बनाकर बाल श्रम उन्मूलन में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करेगा।
बाल श्रम मुक्त कानपुर अभियान अब जिले के 590 गांवों तक विस्तारित होगा, जिसकी शुरुआत 15 जुलाई से की जाएगी। मुख्य विकास अधिकारी ग्राम पंचायतों के प्रधानों को इस योजना के बारे में वर्चुअल माध्यम से जागरूक करेंगे। इस अभियान में खंड विकास अधिकारी (बीडीओ), जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ), जिला विकास अधिकारी मनरेगा, जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईएसओ), जिला समाज कल्याण अधिकारी और मुख्य चिकित्साधिकारी भी प्रधानों के सहायक के रूप में कार्य करेंगे।
श्रम विभाग श्रमिक मित्रों को ब्रांड एम्बेसडर के तौर पर प्रस्तुत कर रहा है। ये श्रमिक मित्र न केवल बाल श्रम रोकने में मदद करेंगे, बल्कि निर्माण श्रमिकों के लिए बीओआईसी की योजनाओं के बारे में भी जागरूकता फैलाएंगे। वे कार्यस्थलों पर इन योजनाओं की जानकारी देंगे और आवेदन प्रक्रिया में भी सहायता करेंगे। अपर श्रमायुक्त कानपुर परिक्षेत्र शमीम अख्तर ने बताया कि श्रमिक मित्र बाल श्रम रोकने में मददगार के साथ श्रमिक योजनाओं के प्रचार वाहक भी बनेंगे, जिससे दिसंबर तक कानपुर को बाल श्रम मुक्त बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा सके।
