29 लाख की सड़क चौड़ीकरण को मंजूरी, चंडीगढ़ निगम में VIP बनाम आम आदमी की जंग
चंडीगढ़ नगर निगम में एक बार फिर वीआईपी बनाम आम आदमी की लड़ाई देखने को मिली है। नगर निगम की वित्त एवं अनुबंध समिति (एफएंडसीसी) ने सेक्टर-2 स्थित वी-6 सड़क को चौड़ा करने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। इस परियोजना पर 29.26 लाख रुपये की अनुमानित लागत आएगी।
मेयर हरप्रीत कौर बबला की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में विपक्ष के पार्षदों की अनुपस्थिति ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस पार्षद गुरप्रीत सिंह गाबी, आप पार्षद सुमन देवी और पूनम, जो समिति की सदस्य हैं, बैठक में शामिल नहीं हुईं। केवल भाजपा के पार्षद सौरभ जोशी और जसमनप्रीत सिंह ही उपस्थित रहे। नियमों के अनुसार, समिति की बैठक के लिए कम से कम आधे सदस्यों की उपस्थिति अनिवार्य होती है, ऐसे में केवल दो सदस्यों की मौजूदगी पर बैठक की वैधता पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
बैठक में कमिश्नर अमित कुमार और नगर निगम के अन्य संबंधित अधिकारी भी मौजूद थे। समिति को बताया गया कि इस चौड़ीकरण का मुख्य उद्देश्य सड़क की चौड़ाई बढ़ाकर वाहनों की आवाजाही को अधिक सुगम और सुरक्षित बनाना है। इससे क्षेत्र के निवासियों और दैनिक यात्रियों को बेहतर यातायात सुविधा मिलने की उम्मीद है। समिति ने यह भी माना कि इस कदम से ट्रैफिक प्रवाह में सुधार होगा और सड़क सुरक्षा बढ़ेगी, जिससे सेक्टर-2 के निवासियों और यहां आने-जाने वालों को बड़ा लाभ होगा।
हालांकि, आम आदमी पार्टी ने इस प्रस्ताव पर कड़ी आपत्ति जताई है। पार्टी का आरोप है कि यह कदम वीआईपी क्षेत्र को निजी तौर पर लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से उठाया गया है। आप पार्टी के अध्यक्ष विजय पाल सिंह ने कहा कि शहर की जर्जर सड़कों पर ध्यान देने के बजाय, एफएंडसीसी वीआईपी चापलूसों के स्वार्थ से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी देकर जनता के पैसे को बर्बाद कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या शहर की अन्य महत्वपूर्ण सड़कों की मरम्मत के बजाय इस तरह के प्रस्तावों को प्राथमिकता देना उचित है।
