आगरा में 150 साल पुराना जर्जर मकान ढहा, बड़ा हादसा टला, Agra building collapse
आगरा के छत्ता क्षेत्र के बेलनगंज बाजार में शुक्रवार शाम को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यहां 150 वर्ष से अधिक पुराना एक जर्जर मकान का हिस्सा अचानक ढह गया। गनीमत रही कि हादसे के समय भूतल पर हार्डवेयर की दुकान में मौजूद व्यापारी पिता-पुत्र और अन्य लोग मलबे के गिरने से पहले ही सुरक्षित बाहर निकल आए।
यह भवन नगर निगम द्वारा पहले ही जर्जर घोषित किया जा चुका था और इसके ऊपरी तल का एक हिस्सा लगभग 10 साल पहले भी गिर चुका था। घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने कुछ देर के लिए यातायात रोक दिया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, बारिश के कारण भवन के भूतल के एक हिस्से से कई दिनों से मलबा गिर रहा था। शुक्रवार को अचानक दुकान के सामने का पूरा हिस्सा ढह गया। आसपास की दुकानों के लोग भी बाहर निकल आए।
थानाध्यक्ष छत्ता अंकुर मलिक ने बताया कि जर्जर भवन को गिराने के लिए पुलिस ने नगर निगम को पहले ही सूचित कर दिया था। सावन परिक्रमा मार्ग के पास होने के कारण, यहां सुरक्षा के उपाय किए जा रहे हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
यह घटना पिछले महीने सुभाष बाजार में हुई एक दुर्घटना की याद दिलाती है, जहां नाले पर बनी एक दुकान ढहने से एक महिला की मौत हो गई थी।
नगर निगम के कार्यवाहक मुख्य अभियंता अरविंद कुमार ने पुष्टि की है कि शहर के 261 जर्जर भवनों को नोटिस जारी किया गया है, जिसमें यह भवन भी शामिल है। भवन की खतरनाक स्थिति को देखते हुए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
बेलनगंज में जहां यह भवन गिरा है, वह सावन के दूसरे सोमवार से पहले परिक्रमा मार्ग के पास पड़ता है। नौ अगस्त की रात को यहां से बड़ी संख्या में श्रद्धालु गुजरते हैं। क्षेत्रीय लोगों का मानना है कि जर्जर भवन का हिस्सा समय रहते गिरने से एक बड़े हादसे को टाल दिया गया।
