योगी आदित्यनाथ ने सिंगापुर में किया निवेश का आह्वान, कहा- भारत नहीं करता भेदभाव | Yogi Adityanath Singapore
सिंगापुर में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में निवेश को आकर्षित करने और प्रवासी भारतीयों को संबोधित करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण दौरा किया। इस दौरान उन्होंने कई व्यापारिक समूहों से मुलाकात की और राज्य के विकास के लिए ₹6,650 करोड़ के निवेश समझौतों पर हस्ताक्षर किए। मुख्यमंत्री ने भारत की ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की यात्रा पर जोर देते हुए कहा कि नया भारत दुनिया में अपनी ताकत दिखा रहा है और किसी भी प्रकार के भेदभाव को बढ़ावा नहीं देता।
यूपी में निवेश का आह्वान और समझौते
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूनिवर्सल सक्सेस ग्रुप के साथ ग्रुप हाउसिंग, लॉजिस्टिक्स और हाइपरस्केल डेटा सेंटर जैसे अहम क्षेत्रों में ₹6,650 करोड़ के निवेश के लिए तीन समझौता ज्ञापनों (MOU) पर हस्ताक्षर किए। उन्होंने निवेशकों को उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया, जहां पिछले नौ वर्षों में राज्य की अर्थव्यवस्था को तीन गुना करने में सफलता मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर भारतीय और प्रवासी भारतीय को इस विकास यात्रा से जुड़ना चाहिए।
जगदीश चंद्र बसु का किस्सा और भेदभाव पर संदेश
प्रवासी भारतीयों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने महान वैज्ञानिक जगदीश चंद्र बसु का एक प्रेरक किस्सा सुनाया। उन्होंने बताया कि बसु ने कहा था कि मनुष्य में भेद नहीं होना चाहिए, यहां तक कि जड़ और चेतन के बीच भी भेदभाव गलत है। उन्होंने दो पौधों का उदाहरण दिया, जिनमें से एक को प्यार और प्रोत्साहन मिला, जबकि दूसरे को कोसा गया। परिणाम स्वरूप, सकारात्मक ऊर्जा वाले पौधे का विकास हुआ, जबकि दूसरे का विकास रुक गया। मुख्यमंत्री ने इस किस्से के माध्यम से संदेश दिया कि भारत कभी भी भेदभाव को प्रोत्साहित नहीं करता और हमारे पर्व इस एकता के प्रतीक हैं।
बदलते उत्तर प्रदेश की तस्वीर
मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि एक समय उत्तर प्रदेश को ‘बीमारू’ राज्य कहा जाता था, लेकिन अब यह धारणा बदल चुकी है। उन्होंने राज्य में हुए विकास कार्यों का उल्लेख किया, जैसे डिफेंस कॉरिडोर का निर्माण। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर में दागी गई ब्रह्मोस मिसाइल लखनऊ की थी, जिसने अपनी सटीकता से सबको चौंका दिया। योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या के कायाकल्प का भी जिक्र किया और कहा कि पांच साल पहले की अयोध्या को अब पहचानना मुश्किल है, यह त्रेतायुग की अयोध्या जैसी प्रतीत होती है।
नए भारत की वैश्विक पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि नया भारत दुनिया में अपनी ताकत दिखा रहा है। उन्होंने दिल्ली में आयोजित AI समिट का उदाहरण दिया, जिसमें 20 देशों के राष्ट्राध्यक्षों सहित 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया था। उन्होंने बताया कि विकसित देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में 140 करोड़ भारतीयों के लिए उठाए गए कदमों की सराहना की है, जो भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा का प्रमाण है।
