यूपी का स्पोर्ट्स स्टेडियम होगा अत्याधुनिक: 3.29 करोड़ से होगा कायाकल्प
अलीगढ़ शहर के एकमात्र स्पोर्ट्स स्टेडियम को अत्याधुनिक बनाने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। उत्तर प्रदेश खेल निदेशालय ने स्टेडियम के आधुनिकीकरण के लिए भेजे गए प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है, जिसके तहत 3.29 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। इस महत्वपूर्ण परियोजना के माध्यम से छह एकड़ में फैले स्टेडियम को पूरी तरह से समतल किया जाएगा, जिस पर नई घास भी उगाई जाएगी।
इस राशि से स्टेडियम में कई बड़े सुधार किए जाएंगे। मैदान में 450 मीटर के सर्किल में स्वचालित स्प्रिंकलर (पानी छिड़काव उपकरण) लगाए जाएंगे। ये उपकरण जमीन के ऊपर आकर पानी का छिड़काव करेंगे और फिर स्वतः ही वापस जमीन के अंदर चले जाएंगे, जिससे घास को सही मात्रा में नमी मिलती रहेगी।
वर्तमान में स्टेडियम में एथलेटिक्स खेलों के लिए मानक अनुरूप ट्रैक की कमी है। इस नवीनीकरण के दौरान, अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप एक एथलेटिक्स ट्रैक का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही, क्रिकेट पिच, फुटबॉल और हैंडबॉल के मैदानों को भी व्यवस्थित किया जाएगा। स्टेडियम के प्रशासनिक भवन का भी जीर्णोद्धार किया जाएगा, जिसमें 10 एयर कंडीशनर और 10 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिससे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी।
प्रशासनिक ब्लॉक में स्थित शूटिंग रेंज, कुश्ती हॉल और वेटलिफ्टिंग हॉल को भी दुरुस्त किया जाएगा। इन सुधारों से खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण वातावरण मिलेगा और चोट लगने का खतरा कम होगा। खिलाड़ियों को इस कायाकल्प से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि वर्तमान में कई खेलों के खिलाड़ी एक साथ अभ्यास करते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
स्वीकृत धनराशि से होने वाले कार्यों में प्रशासनिक भवन का जीर्णोद्धार, स्प्रिंकलर सिस्टम, डीप ट्यूबवेल, मैदान समतलीकरण व घास लगाना, गार्ड रूम का निर्माण, सीसीटीवी कैमरे, इंटरलॉकिंग रोड निर्माण और फर्नीचर खरीद शामिल हैं। उम्मीद है कि यह कार्य नववर्ष से पहले या उसके शुरुआती सप्ताह में शुरू हो जाएगा। इसके अतिरिक्त, एक अन्य परियोजना के तहत स्टेडियम में बॉक्सिंग रिंग और बास्केटबॉल कोर्ट को भी नए सिरे से स्थापित किया जाएगा।
इस पहल पर खिलाड़ियों ने खुशी व्यक्त की है। एक एथलीट, दिव्या ने कहा कि मैदान बेहतर होने से वार्मअप में सुविधा होगी और ऊबड़-खाबड़ सतह से चोट लगने का खतरा कम होगा। बैडमिंटन खिलाड़ी, नैतिक वार्ष्णेय ने सुझाव दिया कि स्टेडियम में केवल खेल गतिविधियों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए ताकि मैदान की स्थिति बनी रहे। एथलीट अनिमेष कुमार ने भी इस बात पर जोर दिया कि मैदान को केवल खेल के लिए ही उपयोग किया जाए। वहीं, एथलीट विकास डागुर ने कहा कि यह निर्णय खिलाड़ियों के लिए बहुत बढ़िया है और इससे बेहतर अभ्यास का माहौल मिलेगा।
जिला खेल अधिकारी, राम मिलन ने बताया कि मैदान और प्रशासनिक भवन के जीर्णोद्धार के प्रस्ताव को निदेशालय से स्वीकृति मिल गई है और राशि जारी होते ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
