महिला सिपाही की आत्महत्या: व्हाट्सएप स्टेटस बना मौत का सुराग
अलीगढ़ के रोरावर थाने में तैनात एक महिला सिपाही की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। शनिवार को जब वह ड्यूटी पर नहीं पहुंची, तो पुलिस उसके आवास पर पहुंची, जहां उसका शव फंदे से लटका मिला। पुलिस के अनुसार, सिपाही ने अपनी मृत्यु से कुछ घंटे पहले व्हाट्सएप पर एक स्टेटस लगाया था, जिसमें लिखा था, ‘मेरी वजह से किसी को परेशानी न हो’। इस स्टेटस को उसकी आत्महत्या से पहले का एक सुसाइड नोट माना जा रहा है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। प्रारंभिक जांच में पुलिस इसे आत्महत्या का मामला मान रही है। शव के पास एक कुर्सी मिली है, जिससे यह प्रतीत होता है कि उसने आत्महत्या के लिए इसका इस्तेमाल किया। फोरेंसिक टीम ने महिला सिपाही के मोबाइल को कब्जे में ले लिया है, जिससे घटना के कारणों का पता लगाने में मदद मिल सके।
मृतका, हेमलता, आगरा के किरावली की रहने वाली थीं और वर्ष 2016 से पुलिस विभाग में कार्यरत थीं। वह रोरावर थाने से पहले बन्नादेवी थाने में भी तैनात रह चुकी थीं। वह जवाहर कॉलोनी में एक किराए के मकान में अकेली रहती थीं। सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार को ड्यूटी समाप्त करने के बाद वह घर आ गई थीं। शनिवार को उन्होंने छुट्टी के लिए फोन किया था, जिसे स्वीकृत कर दिया गया था। जब उनसे संपर्क नहीं हो पाया, तो पुलिस उनके घर पहुंची।
पड़ोसियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने एक युवक को पुलिस का चिह्न लगी बाइक पर हेमलता के घर आते देखा था। पुलिस अब उस युवक की पहचान करने की कोशिश कर रही है। हेमलता अविवाहित थीं और उनके परिजन उनके लिए रिश्ता तलाश रहे थे।
हालांकि, पुलिस प्रथम दृष्टया इसे आत्महत्या मान रही है, लेकिन मृतका के पिता कर्मवीर सिंह ने इस घटना को संदिग्ध बताते हुए विस्तृत जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी आत्महत्या जैसा कदम क्यों उठाएगी, यह स्पष्ट नहीं है। परिजनों ने अभी तक पुलिस को कोई लिखित तहरीर नहीं दी है, लेकिन जांच की मांग पर जोर दिया है।
हेमलता चार भाई-बहनों में सबसे छोटी थीं। उनकी मौत से उनके पैतृक गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। वह गांव की युवतियों के लिए प्रेरणास्रोत मानी जाती थीं। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है ताकि मौत के पीछे के असली कारणों का पता चल सके।
