‘ब्राह्मण क्यों तय करते हैं नियम?’ मंदिर में पुजारी की पत्नी की हत्या करने वाले आरोपी ने कोर्ट में कही ये बात, नहीं जताया पछतावा
दिल्ली के एक मंदिर में पुजारी की पत्नी की हत्या के आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया। आरोपी ने अपनी हरकत पर कोई पछतावा नहीं जताया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
मानसरोवर पार्क इलाके में ज्वाला जी मंदिर में हत्या करने के लिए जाता अचल सक्सेना सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ था। मानसरोवर पार्क थाने से कुछ ही दूरी पर बने ज्वाला जी मंदिर के अंदर दिनदहाड़े पुजारी की पत्नी कुसुम शर्मा के सिर पर गंडासे से वार कर हत्या करने वाले युवक को हत्या करने का जरा भी पछतावा नहीं है। पुलिस ने आरोपित अचल सक्सेना को सोमवार को कड़कड़डूमा कोर्ट में पेश किया। जहां से आरोपित को एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
आरोपित ने पुलिस को पूछताछ में कहा कि हिंदू धर्म में ब्राह्मण क्यों नियम तय करते हैं। वह और उसका परिवार मंदिर जाते थे तो पुजारी अपने अनुसार पूजा करवाते थे। उनके हिसाब से पूजा न करने पर व्यवहार बदल जाता था। इससे उसे नाराजगी थी। उसने पुलिस से स्पष्ट कहा कि उसे पुजारी की पत्नी की हत्या करने का जरा पछतावा नहीं है।
सोमवार को जीटीबी अस्पताल में कुसुम शर्मा के शव का पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर परिवार को सौंप दिया। मृतक के पति व मंदिर के पुजारी महेश चंद शर्मा का कहना है कि उनकी किसी से कोई रंजिश नहीं है। आसपास के लोग मंदिर में आकर पूछा करते थे। उन्होंने कभी किसी को पूजा करने से मना नहीं किया न ही कोई गलत व्यवहार किया। उन्होंने कहा कि वह आरोपित को जानते तक नहीं है। उन्होंने आशंका यही जाहिर की मंदिर की संपत्ति को लेकर आरोपित ने किसी के कहने पर वारदात को अंजाम दिया है।
वहीं पुलिस का कहना है कि आरोपित यूपीएससी की तैयारी कर रहा था। उसके व्यवहार में पिछले कुछ सप्ताह में काफी बदलाव परिवार को देखने को मिला था। हत्या से कुछ दिनों पहले उसने अपनी सुरक्षा के लिए चांदनी चौक से गंडासा खरीदा था। रविवार करीब 11 बजे अपने घर से करीब सौ मीटर की दूरी पर बने ज्वाला जी मंदिर में जाकर पुजारी की पत्नी की हत्या कर दी। वारदात के वक्त पुजारी मंदिर में मौजूद नहीं थे।
