विकसित भारत 2047: बीएचयू और सीआईआई के बीच सहयोग के लिए MoU पर हस्ताक्षर
विकसित भारत 2047 के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) और भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) ने आपसी सहयोग और सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता देश की समृद्धि के लिए शिक्षा और उद्योग जगत के बीच एक मजबूत सेतु का निर्माण करेगा।
वाराणसी में आयोजित काशी संवाद 2025 के दूसरे दिन विश्वविद्यालय के मालवीय मूल्य अनुसंधान केंद्र में कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी और सीआईआई के प्रधान सलाहकार तथा सीआईआई फाउंडेशन के सीईओ सुनील मिश्रा की उपस्थिति में यह महत्वपूर्ण समझौता हुआ। इस MoU के माध्यम से दोनों संस्थान नियमित संवाद स्थापित करेंगे और संयुक्त गतिविधियों का आयोजन करेंगे, जिससे शिक्षा और उद्योग के बीच साझेदारी को नई ऊंचाइयां मिलेंगी और सामाजिक परिवर्तन के ठोस परिणाम सामने आएंगे।
यह समझौता शैक्षणिक अनुसंधान को उद्योग की वर्तमान आवश्यकताओं और व्यावहारिक ज्ञान से जोड़ने में सहायक होगा। इसके अतिरिक्त, यह सामाजिक-आर्थिक और औद्योगिक चुनौतियों के प्रभावी समाधान विकसित करने तथा विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के बीच उद्यमिता की भावना को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित होगा।
समझौते के तहत, बीएचयू और सीआईआई संयुक्त कार्यशालाओं, संगोष्ठियों और परियोजनाओं का आयोजन करेंगे। इससे बीएचयू के विद्यार्थियों को इंटर्नशिप और मार्गदर्शन (मेंटॉरशिप) के बहुमूल्य अवसर प्राप्त होंगे, जो उनके शैक्षणिक और पेशेवर विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होंगे।
इस साझेदारी की सराहना करते हुए, कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि यह पहल बीएचयू के विद्यार्थियों में उद्यमशील क्षमताओं को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विश्वविद्यालय अपने पाठ्यक्रमों और गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को आवश्यक उद्यमिता कौशल प्रदान कर रहा है, और यह MoU उद्योग जगत को विश्वविद्यालय के शैक्षिक योगदान से अवगत कराने में भी सहायक होगा।
सीआईआई के सुनील मिश्रा ने इस MoU को दो प्रमुख संस्थाओं के बीच एक उल्लेखनीय पहल बताया, जो एक ही समय के आसपास स्थापित हुई थीं। उन्होंने बीएचयू की शैक्षणिक उत्कृष्टता की प्रशंसा की।
इसी दौरान, दो दिवसीय काशी संवाद 2025 का समापन भी हुआ। समापन समारोह में सीआईआई राष्ट्रीय CSR समिति के अध्यक्ष बी. त्यागराजन ने घोषणा की कि इस तरह के संवाद कार्यक्रम अब प्रतिवर्ष आयोजित किए जाएंगे, साथ ही वर्ष भर विभिन्न अन्य कार्यक्रमों का आयोजन भी जारी रहेगा।
कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने ग्रामीण भारत से जुड़ने और जमीनी स्तर की समस्याओं पर संवाद करने की आवश्यकता पर बल दिया, जिसके लिए मेट्रो शहरों से बाहर निकलकर कार्य करने की बात कही। काशी संवाद के ज्ञान साझेदार डेलॉएट की ओर से स्वाती अग्रवाल ने ‘काशी घोषणा पत्र’ का पहला संस्करण प्रस्तुत किया, जिसमें स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास, सतत विकास, अपशिष्ट प्रबंधन, प्रौद्योगिकी, सामाजिक परिवर्तन और ग्रामीण नवाचार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर निष्कर्ष शामिल थे।
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