लाखों में बिकते हैं UP के लड़ाकू मुर्गे, मालिक कमाते हैं लाखों रुपये (UP cockfighting news)
उत्तर प्रदेश में लड़ाकू मुर्गों का अवैध कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। बरेली के धौरेरामाफी गांव में रहने वाले खान साहब कई वर्षों से फाइटिंग मुर्गों को तैयार करने का काम कर रहे हैं। उनका यह शौक अब एक बड़े रोजगार में बदल गया है, जहां उनके पाले हुए मुर्गों की कीमत लाखों में है। ये मुर्गे सिर्फ लड़ते नहीं, बल्कि जीत के साथ अपने मालिक को लाखों रुपये कमाकर भी देते हैं।
खान साहब बताते हैं कि बचपन से ही उन्हें मुर्गे पालने का शौक था। जब उन्हें पता चला कि कई जगहों पर मुर्गों की कुश्ती कराई जाती है और इस खेल में बड़ी रकम की बाजी लगती है तो उन्होंने इसे गंभीरता से लेना शुरू किया। उन्होंने एक-दो नहीं, बल्कि कई मुर्गे पालने शुरू किए और उन्हें विशेष प्रशिक्षण दिलाया। धीरे-धीरे यह शौक उनकी पहचान बन गया। आज उनके दो मुर्गे ‘राजा’ और ‘किंग’ कई आयोजनों में अपनी जीत के लिए जाने जाते हैं।
खान साहब का दावा है कि उन्होंने उत्तर प्रदेश के साथ-साथ हरियाणा, पंजाब और उत्तराखंड में भी कई बार मुर्गों की कुश्ती में हिस्सा लिया है। शुरुआत में उन्होंने दस हजार रुपये की बाजी से पहली जीत दर्ज की थी, लेकिन अनुभव बढ़ने के साथ अब एक-एक फाइट में दो से ढाई लाख की बाजी लग जाती है। बड़े आयोजनों में राजा और किंग जैसे मुर्गों की मांग रहती है। इनकी कीमत भी किसी अच्छे नस्ल के पशु से कम नहीं है। ऐसे मुर्गों की बोली 3.50 लाख रुपये तक लग चुकी है।
मुर्गों की देखभाल में उनकी डाइट का खास ध्यान रखा जाता है। रोजाना मूंगफली, काजू, बादाम और उच्च गुणवत्ता का दाना दिया जाता है। कभी-कभी उन्हें फलों का जूस भी पिलाया जाता है। राजा और किंग दूध पीने के भी शौकीन हैं। उन्हें इन सबके अलावा नियमित रूप से करीब 50-50 ग्राम बकरे का मांस खिलाया जाता है, ताकि उनकी ताकत बनी रहे। व्यायाम भी लड़ाके मुर्गों के प्रशिक्षण का अहम हिस्सा है। खान साहब सुबह-शाम मुर्गों को करीब एक-एक घंटे के लिए खुले मैदान में छोड़ते हैं। पैरों में हल्की रस्सी बांध दी जाती है, ताकि वे दूर न भागें। इस दौरान मुर्गे उछल-कूद करते हैं, जिससे उनके पैरों में मजबूती आती है।
भारत में मुर्गों की खूनी लड़ाई पर कानूनी प्रतिबंध है। सुप्रीम कोर्ट ने इस शर्त पर रियायत दे रखी है कि मुर्गों के पांव में कोई चाकू या ब्लेड नहीं होगा और इस दौरान कोई जुआ नहीं खेला जाएगा। हालांकि, आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में दो मुर्गों के पांव में चाकू-ब्लेड जैसी धारदार चीजें बांधकर लड़ाया जाता है। दुनिया के कई हिस्सों में मुर्गों की लड़ाई एक जुए की तरह खेला जाता है। पशु प्रेमी इसका काफी विरोध करते हैं।
नववर्ष पर विंध्यवासिनी धाम में उमड़ी अपार भीड़, Mirzapur news: जयकारों से गूंजा मंदिर परिसर
नए साल की रात आगरा में पुलिस का बड़ा एक्शन, 200 से ज्यादा नशेबाजों की हवालात में कटी रात | Agra News
नए साल की रात आगरा में हुड़दंग, 200 लोग गिरफ्तार; Agra police ने की कार्रवाई
आगरा मेट्रो (Agra Metro) के ट्रायल शेड्यूल में बदलाव, अब हर दो दिन में होगा परीक्षण
आगरा मेट्रो ट्रायल शेड्यूल में बदलाव, अब हर दो दिन के अंतराल पर होगी जांच
कानपुर देहात में सर्दी से मासूम की मौत, UP cold wave का कहर जारी
Kanpur Dehat news: कड़ाके की सर्दी से एक और मासूम की मौत, 15 हुई मृतकों की संख्या
UP में CBI trap news: GST डिप्टी कमिश्नर समेत 5 गिरफ्तार, 1.5 करोड़ की रिश्वत का मामला
