UP news: पर्यटन विभाग के कर्मचारियों ने विशेष सचिव पर लगाए गंभीर आरोप, उत्पीड़न का दावा
उत्तर प्रदेश के पर्यटन विभाग में कार्यरत सचिवालय अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच अपनी ही विशेष सचिव ईशा प्रिया को लेकर भारी असंतोष है। कर्मचारियों ने विशेष सचिव पर मानसिक उत्पीड़न और अभद्र व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस संबंध में कर्मचारियों ने विभाग के प्रमुख सचिव को एक पत्र लिखा है, जिसमें कहा गया है कि ऐसी परिस्थितियों में उनके लिए विभाग में कार्य करना शारीरिक और नैतिक रूप से संभव नहीं रह गया है।
कर्मचारियों ने शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि विशेष सचिव ईशा प्रिया कई महीनों से विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों का व्यापक स्तर पर उत्पीड़न कर रही हैं। पत्र के अनुसार, अब तक राज्य सरकार की जनहितकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के हित में कर्मचारी इस व्यवहार को चुपचाप सहन कर रहे थे, लेकिन अब उत्पीड़न की सीमा सहनशक्ति से बाहर हो गई है। कर्मचारियों ने विशेष सचिव की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा है कि उन्हें लगभग प्रतिदिन पर्यटन निदेशालय बुलाया जाता है, जहां अन्य कर्मचारियों के सामने ही सचिवालय के अधिकारियों के साथ अत्यंत खराब और अपमानजनक व्यवहार किया जाता है।
पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि विशेष सचिव कई अवसरों पर अधिकारियों को गंदी गालियां भी देती हैं और प्रतिकूल प्रविष्टि (Adverse Entry) देने की धमकी देकर डराती-धमकाती हैं। सचिवालय संघ के समर्थन के साथ लिखे गए इस पत्र में मांग की गई है कि पर्यटन विभाग के प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी को तत्काल उनके मूल विभाग यानी सचिवालय प्रशासन विभाग को समर्पित (Relieve) कर दिया जाए। कर्मचारियों का कहना है कि वे इन अपमानजनक परिस्थितियों में यहां कार्य करने के बिल्कुल भी इच्छुक नहीं हैं।
लखनऊ के प्रशासनिक गलियारों में इस पत्र के सार्वजनिक होने के बाद से हड़कंप मचा हुआ है। पत्र की प्रतिलिपि प्रमुख सचिव (सचिवालय प्रशासन) और अध्यक्ष (उत्तर प्रदेश सचिवालय संघ) को भी आवश्यक कार्यवाही के लिए भेजी गई है। अब देखना यह है कि शासन स्तर पर एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी के खिलाफ इस गंभीर शिकायत पर क्या कदम उठाए जाते हैं।
