UP housing scheme: आवास विकास परिषद की ‘पहले आओ पहले पाओ’ योजना ने कमाए 1000 करोड़ रुपये
उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद (UPAVP) की ‘पहले आओ पहले पाओ’ योजना ने राज्य के रियल एस्टेट बाजार में हलचल मचा दी है। इस योजना के तहत परिषद ने अपने रेडी-टू-मूव फ्लैट्स की बुकिंग से 1000 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व अर्जित किया है। यह सफलता इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि ये फ्लैट पिछले सात वर्षों से बिक नहीं रहे थे और खंडहर में तब्दील हो रहे थे।
परिषद की यह योजना लखनऊ, गाजियाबाद, कानपुर, मेरठ, आगरा, सहारनपुर और मुरादाबाद जैसे प्रमुख शहरों में जबरदस्त लोकप्रिय हुई है। भारी मांग को देखते हुए परिषद ने फ्लैटों के पंजीकरण की अंतिम तिथि 31 मार्च 2026 तक बढ़ा दी है। आंकड़ों के अनुसार, 31 जनवरी 2026 तक 2070 फ्लैट्स बुक किए गए थे, जो 3 फरवरी तक बढ़कर 2141 से अधिक हो गए हैं।
मध्यम वर्ग और सरकारी कर्मचारियों को मिला बंपर डिस्काउंट
परिषद ने मध्यम वर्गीय परिवारों और सरकारी कर्मचारियों को आकर्षित करने के लिए कई रियायतें दी हैं। एकमुश्त भुगतान करने वाले खरीदारों को विशेष छूट दी जा रही है। यदि कोई आवेदक 60 दिनों के भीतर फ्लैट की कुल कीमत का पूर्ण भुगतान करता है, तो उसे 15% की भारी छूट मिलती है। 61 से 90 दिनों के भीतर भुगतान करने पर 10% की छूट का प्रावधान है।
सशस्त्र और अर्धसैनिक बलों के सेवारत व सेवानिवृत्त जवानों के लिए विशेष छूट का प्रावधान है। उन्हें 60 दिनों के भीतर भुगतान करने पर 20% तक की विशेष छूट दी जा रही है। इसके अलावा, सामान्य आवेदक मात्र 50% भुगतान करके अपने घर का कब्जा प्राप्त कर सकते हैं, जबकि सैन्य कर्मियों के लिए यह सीमा केवल 25% है। जो लोग एकमुश्त भुगतान नहीं कर सकते, उनके लिए एमसीएलआर 1% की किफायती ब्याज दर पर किस्तों की सुविधा भी उपलब्ध है।
आवास आयुक्त डॉ. बलकार सिंह ने कहा कि परिषद का मुख्य उद्देश्य आम आदमी को किफायती, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराना है। ‘पहले आओ पहले पाओ’ योजना के माध्यम से मिली यह सफलता परिषद के निरंतर प्रयासों और पारदर्शिता का परिणाम है। इच्छुक खरीदार परिषद की आधिकारिक वेबसाइट www.upavp.in पर जाकर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं।
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