ईरान पर हमले के बाद ट्रम्प की डील: क्या अमेरिका को मिली जीत? | world news
18 जून को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के साथ युद्ध समाप्त करने वाले दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए। यह फैसला अमेरिका के लिए एक बड़ी आर्थिक और मानवीय क्षति के साथ आया है। युद्ध शुरू होने से पहले ईरान ने जो डील पेश की थी, यह अंतिम डील उससे कहीं अधिक कमजोर साबित हुई है। इस संघर्ष के कारण दुनिया को लाखों करोड़ रुपये का नुकसान हुआ और 7,000 से अधिक जानें गईं।
ट्रम्प ने ईरान के साथ युद्ध शुरू करते समय चार प्रमुख लक्ष्य घोषित किए थे। इनमें से पहला लक्ष्य ईरान में इस्लामिक सत्ता को उखाड़ फेंकना था। अमेरिका और इजराइल ने अपने शुरुआती हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को निशाना बनाया था। हालांकि, सुप्रीम लीडर की मृत्यु के बाद भी ईरान के लोग एकजुट रहे और खामेनेई के बेटे मुजतबा को नया सुप्रीम लीडर बनाया गया। इस प्रकार, ईरान एक धार्मिक शासन वाला अमेरिका-विरोधी देश बना रहा, जिससे ट्रम्प का पहला उद्देश्य विफल हो गया।
दूसरा प्रमुख लक्ष्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम को समाप्त करना था। ट्रम्प प्रशासन का कहना था कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए और उसे अपना पूरा संवर्धित यूरेनियम अमेरिका को सौंप देना चाहिए। नई डील के तहत, ईरान ने परमाणु हथियार न बनाने या खरीदने का वादा किया है, लेकिन यह वादा नया नहीं है। ईरान ने 1970 में परमाणु अप्रसार संधि (NPT) पर हस्ताक्षर करते समय भी यही वादा किया था।
ट्रम्प की डील में ईरान को अपने पास मौजूद लगभग 11 टन संवर्धित परमाणु सामग्री को ‘डाउन-ब्लेंड’ करने के लिए कहा गया है, जिसमें 60% तक संवर्धित यूरेनियम भी शामिल है। यह परमाणु बम बनाने के स्तर के काफी करीब है। यह डील ईरान को यह सामग्री देश से बाहर भेजने या पूरी तरह छोड़ने के लिए मजबूर नहीं करती, जैसा कि 2015 के समझौते में हुआ था। इस वजह से, ईरान की परमाणु जरूरतों, प्रमुख परमाणु संयंत्रों को बंद करने और नए परमाणु ईंधन को संवर्धित करने की अनुमति जैसे कई सवाल अनुत्तरित रह गए हैं। यह दर्शाता है कि ट्रम्प का यह उद्देश्य भी पूरी तरह सफल नहीं हुआ।
तीसरा लक्ष्य ईरान के प्रॉक्सी संगठनों को खत्म करना था, जो इस युद्ध में आंशिक रूप से सफल रहा है। हालांकि, इस संघर्ष के दीर्घकालिक परिणाम और ईरान की भविष्य की परमाणु क्षमता पर अभी भी प्रश्नचिह्न बने हुए हैं।
