ट्रम्प ने स्टेट ऑफ द यूनियन भाषण में ईरान पर लगाए गंभीर आरोप, Donald Trump ने कहा- अमेरिका पर हमला कर सकती हैं मिसाइलें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने दूसरे कार्यकाल के दौरान अमेरिकी संसद (कांग्रेस) में अपना दूसरा ‘स्टेट ऑफ द यूनियन’ भाषण दिया, जिसमें उन्होंने ईरान पर कई गंभीर आरोप लगाए। ट्रम्प ने दावा किया कि ईरान ने 32 हजार प्रदर्शनकारियों को मार डाला और वह ऐसी मिसाइलें विकसित कर रहा है जो सीधे अमेरिका तक पहुंच सकती हैं। उनके इस भाषण ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है और अमेरिका-ईरान संबंधों पर गहरा प्रभाव डालने की संभावना है।
ट्रम्प ने अपने संबोधन में कहा कि ईरान पहले ही ऐसी मिसाइलें बना चुका है जो यूरोप और विदेशों में अमेरिकी ठिकानों के लिए खतरा हैं, और अब वे ऐसी मिसाइलें बनाने पर काम कर रहे हैं जो जल्द ही अमेरिका तक पहुंच जाएंगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिका ने पिछले साल ईरान की परमाणु सुविधाओं पर हमला कर उसके परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह खत्म कर दिया था। Donald Trump ने कहा कि वे पहले कूटनीति से समस्या सुलझाना चाहते थे, लेकिन ईरान ने परमाणु हथियार न बनाने का वादा नहीं किया।
‘स्टेट ऑफ द यूनियन’ भाषण की परंपरा
अमेरिका में राष्ट्रपति हर साल जनवरी या फरवरी में कांग्रेस को संबोधित करते हैं, जिसे ‘स्टेट ऑफ द यूनियन’ कहा जाता है। इस अवसर पर संसद की प्रतिनिधि सभा और सीनेट के सदस्य हाउस चैंबर में एकत्रित होते हैं। स्पीकर ऑफ द हाउस और उपराष्ट्रपति, जो सीनेट के अध्यक्ष भी होते हैं, राष्ट्रपति के पीछे ऊंचे मंच पर बैठते हैं। राष्ट्रपति के आगमन की घोषणा के बाद, स्पीकर उनका परिचय कराते हैं और राष्ट्रपति अपना भाषण देते हैं। यह भाषण देश की स्थिति और भविष्य की योजनाओं को रेखांकित करने का एक महत्वपूर्ण मंच होता है।
डेमोक्रेट्स की प्रतिक्रिया और अन्य दावे
ट्रम्प के भाषण के दौरान, डेमोक्रेटिक सीनेटर मार्क वार्नर जैसे कुछ सदस्यों ने भाषण के बीच में ही बाहर चले जाने का दावा किया। वार्नर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि वे घंटों तक ट्रम्प के “झूठ” नहीं सुन सकते। इसी बीच, कैपिटल के पास नेशनल मॉल में ‘द पीपल्स स्टेट ऑफ द यूनियन’ नामक एक खुली रैली में कुछ डेमोक्रेटिक कांग्रेस सदस्य और कार्यकर्ता एकत्रित हुए, जिसका उद्देश्य रिपब्लिकन प्रशासन की नीतियों की खामियों को उजागर करना था। ट्रम्प ने अपने भाषण में गाजा में इजराइल और हमास के बीच हुए संघर्ष विराम समझौते की सफलता का भी जिक्र किया और दावा किया कि उन्होंने अपने कार्यकाल में आठ युद्धों को समाप्त किया है।
