फर्जी टिकट पर यात्रा: पूर्वोत्तर रेलवे ने चलाया अभियान, 84 यात्री पकड़े गए | Indian Railways
पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल ने छह प्रमुख मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में एक सघन टिकट जांच अभियान चलाया, जिसके परिणामस्वरूप 84 यात्री फर्जी या गलत टिकटों पर यात्रा करते हुए पकड़े गए। यह कार्रवाई यात्रियों के बीच टिकट नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से की गई।
जांच के दौरान, 33 यात्रियों से मौके पर ही जुर्माना वसूल कर लिया गया। शेष 51 यात्रियों को, जो स्लीपर कोच में दूसरे के टिकट पर यात्रा कर रहे थे, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) को सौंप दिया गया। उनसे कुल 18,315 रुपये का जुर्माना वसूला गया। थर्ड एसी कोच में तीन ऐसे यात्री पाए गए, जिनसे 3,710 रुपये का जुर्माना लिया गया। कुछ यात्रियों के पास से कूटरचित पहचान पत्र भी बरामद हुए, जो मामले की गंभीरता को दर्शाते हैं।
रेल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फर्जी टिकट या गलत पहचान पत्र का उपयोग करके यात्रा करना रेलवे अधिनियम 1989 के तहत एक दंडनीय अपराध है। इस तरह की अनियमितताओं पर भविष्य में भी कड़ी निगरानी रखी जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस अभियान का उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित और सुगम यात्रा सुनिश्चित करना है, साथ ही रेलवे राजस्व की सुरक्षा भी करना है।
