केंद्रीय हिंदी संस्थान में हिंदी दिवस पर विशेष कार्यक्रम आयोजित, संचार क्रांति में भाषा की भूमिका पर चर्चा | national news
आधुनिक भारत के निर्माण और वैश्वीकरण के इस दौर में हिंदी भाषा की महत्ता लगातार बढ़ती जा रही है। इसी कड़ी में केंद्रीय हिंदी संस्थान के अध्यापक शिक्षा विभाग की ओर से ‘हिंदी दिवस कार्यक्रम’ का आयोजन किया गया। संस्थान के निदेशक प्रो. हरिमोहन और कुलसचिव जोगेंद्र सिंह मीणा ने संयुक्त रूप से कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं और भावी शिक्षकों को राष्ट्र निर्माण में भाषा के योगदान से अवगत कराना था [national news]।
कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ वर्ग के शिक्षक प्रशिक्षणार्थियों के लिए ‘राष्ट्र निर्माण में हिंदी की भूमिका’ विषय पर भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें 21 प्रतियोगियों ने हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने इस बात पर प्रकाश डाला कि स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आज तक हिंदी ने देश की विविधता को एकजुट रखने में संपर्क भाषा के रूप में अहम भूमिका निभाई है। वहीं, कनिष्ठ वर्ग के लिए ‘हिंदी और संचार क्रांति’ विषय पर प्रतियोगिता हुई, जिसमें 13 प्रतिभागियों ने अपनी बात रखी।
संचार क्रांति के इस दौर में हिंदी अब केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि डिजिटल सूचना-प्रौद्योगिकी की एक सशक्त संवाहक बन चुकी है। अध्यापक शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. चंद्रकांत कोठे ने जानकारी दी कि संस्थान पूरे सितंबर महीने को ‘हिंदी माह’ के रूप में मना रहा है। इस दौरान निबंध लेखन, पोस्टर प्रदर्शन, कविता पाठ, वाद-विवाद और प्रश्नोत्तरी जैसी विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है, जो विद्यार्थियों में भाषा के प्रति रुचि और उसकी उपयोगिता को और अधिक सुदृढ़ कर रहा है।
