“title”: “चक्रवात मोंथा का कहर: नरकटियागंज में धान सहित अन्य फसलें तबाह, किसान बेहाल”,
“subtitle”: “बेमौसम बारिश और तेज हवाओं से खेतों में बिछी फसलें, कृषि विभाग से क्षतिपूर्ति की मांग”,
“summary”: “नरकटियागंज में चक्रवाती तूफान मोंथा ने किसानों की कमर तोड़ दी है। लगातार बारिश और तेज हवाओं के कारण खेतों में तैयार धान की फसलें गिर गई हैं, जिससे व्यापक नुकसान हुआ है। कटाई के बाद खेत में पड़ी फसलें भीग गईं, जबकि नई बोई गई सब्जियों और दलहनी फसलों को भी क्षति पहुंची है। किसान गहरे संकट में हैं और कृषि विभाग से तत्काल फसल क्षतिपूर्ति की मांग कर रहे हैं।”,
“content”: “नरकटियागंज। संवाद सहयोगी। पश्चिमी चंपारण के नरकटियागंज प्रखंड क्षेत्र में चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ ने खेती-किसानी पर कहर बरपाया है। पिछले तीन दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश और तेज हवाओं ने जहां आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है, वहीं किसानों के लिए एक बड़ी समस्या खड़ी कर दी है। खेतों में खड़ी और कटाई के लिए तैयार धान की फसलें पूरी तरह से बिछ गई हैं, जिससे किसानों की कई महीनों की मेहनत पर पानी फिर गया है।nnप्रखंड के नौतनवा, केसरिया, अंजुआ, पकड़ीढाला, सुगौली, मुरली, कौलाची, पुरैनिया, गोखुला, भसुरारी, राजपुर, बिनवलिया समेत दर्जनों गांवों के खेतों में तैयार धान की फसलें गिर गई हैं। इससे किसानों में भारी बर्बादी की चिंता बढ़ गई है। बीज विक्रेता प्रतीक अग्रवाल ने बताया कि इस बेमौसम बारिश से उन किसानों को भी भारी नुकसान होगा, जिन्होंने हाल ही में सब्जी, तोरी और मसूर जैसी फसलों की बोआई की है। साथ ही, कटाई के बाद खेत में पड़े धान को भीगने से सबसे ज्यादा क्षति हुई है।nnफसल बर्बाद होने से क्षेत्र के किसान गहरे सदमे में हैं। नौतनवा के किसान जाकिर हुसैन, तपेश्वर राम, रेयाज अहमद; पकड़ीढाला के चंदन साह, सुशील पाल, गोवर्धन साह; अंजुआ के उमेश यादव, अखिलेश साह, जनक यादव; भभटा के दरोगा राम, अवध किशोर पटेल, अनिल यादव, धनीलाल साह; और चक्की पकड़ी के विनोद चौरसिया, अरुण भगत सहित कई किसानों ने अपनी व्यथा व्यक्त की। उनका कहना है कि जब फसल को पानी की जरूरत थी, तब बारिश नहीं हुई, और अब धान पकने तथा कटाई के समय हो रही यह वर्षा भारी नुकसान पहुंचा रही है। बारिश और हवा के चलते खेतों में तैयार धान की बालियां गिर गई हैं, और कटी हुई फसल भी भीग गई है।nnप्रखंड प्रमुख सुनैना देवी ने कृषि विभाग के पदाधिकारियों का ध्यान आकृष्ट करते हुए किसान हित में फसल क्षतिपूर्ति की मांग की है। प्रमुख प्रतिनिधि चंदन कुमार साह ने कहा कि चक्रवात के कारण प्रखंड के बहुतेरे किसानों की फसलें बर्बाद हुई हैं। कृषि विभाग को चाहिए कि वे अविलंब सर्वे कर पीड़ित किसानों को फसल क्षति का लाभ प्रदान करें।nnकृषि विज्ञान केंद्र, नरकटियागंज के वरीय वैज्ञानिक डॉ. आरपी सिंह ने किसानों को सलाह देते हुए कहा कि जो धान की फसलें हवा के कारण गिर गई हैं, उनका अधिक नुकसान होने की संभावना है। उन्होंने गन्ने के खेतों में जलभराव की स्थिति में उचित जल निकास का प्रबंध करने की सलाह दी, ताकि उत्पादन प्रभावित न हो
